मीठा नीम के फायदे और नुकसान।

 रोजाना की दिनचर्या में स्वस्थ आदतों को अपनाकर और मामूली बदलावों के साथ स्वस्थ रह सकते हैं, अपनी सुबह की दिनचर्या में मीठा नीम को शामिल करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं, मीठा नीम लगभग हर भारतीय रसोई में पाए जाते हैं, मीठा नीम के पत्ते खाने में एक खास स्वाद और सुगंध जोड़ते हैं, लेकिन साथ ही सेहत के लिए भी अच्छे होते हैं, मीठा नीम व्यक्ति की त्वचा, बालों और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है, अपने भोजन के तड़के में शामिल करने के अलावा, रोज सुबह खाली पेट ताजा कड़ी पत्ते चबा कर खा सकते हैं।

मीठा नीम दाल, सब्जियों में केवल खुशबू और स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसके सेवन से आपको ऐसी सेहत और सौन्दर्य फायदे भी मिलते हैं जो शायद ही आपको पता होंगे, इसकी ताजा पत्तियों में एक अलग ही खुशबू होती है, जो फ्रिज में या बाहर रखने पर कम होती जाती है, इसलिए कोशिश रहे कि हमेशा ताजा करी पत्ते का इस्तेमाल करें, कुछ लोग करी पत्ता सब्जी से बाहर निकालकर रख देते हैं, जबकि इसे खा लेना चाहिए, मीठा नीम बहुत पौष्टिक होता है। इसमें मैग्नेशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, कॉपर और विटामिन भी होता है।

यह पेड़ छोटा होता है जिसकी उंचाई 2-4 मीटर होती है और जिसके तने का व्यास 40 सें.मी. तक होता है, इसकी पत्तियां नुकीली होतीं हैं, हर टहनी में 11-21 पत्तीदार कमानियां होती हैं और हर कमानी 2-4 सें.मी. लम्बी व 1-2 सें.मी. चौड़ी होती है, ये पत्तियां बहुत ही ख़ुशबूदार होतीं हैं, वे इसके फूल छोटे-छोटे, सफ़ेद रंग के और ख़ुशबूदार होते हैं। इसके छोटे-छोटे, चमकीले काले रंग के फल तो खाए जा सकते हैं, लेकिन इनके बीज ज़हरीले होते हैं।

मीठा नीम के अनेक भाषाओं में नाम।

हिन्दी- करी पत्ता पेड़ (करी लीफ तड़ी), लीफ (करी पत्ता), करी (करी झाड़ी), कटनीम, मित्तलनीम

संस्कृत- कैडर्य, खर्य, सुरभिनिम्ब

उड़िया- बरसन (बरसन), बसंगो (बसंगो), भुरसुंगा (भुरसुंगा)

असमिया- बिशरी (बिशहरी), नरसिंघा (नरसिंह)

कन्नड़- बेवु (करिबेवु), ग़ंबेव्यू (गंधबेवु)

गुजराती -गोरानिम्ब (गोरनिम्ब), मित्तलम्ड़ो (मीठा लिम्ब्डो), कढ़ीलीम्ड़ो (कधीलिम्ब्डो)

तेलुगु- करीवेपाकु (करीवेपाकु), करीवेमु (करीवेमु)

तमिल- करुवेबलई (करुवेप्पिलेई), करुवेम्पु (करुवेम्पु)

बंगाली- बरसुंगा ( बरसुंगा), करियाफली (करियाफली)

नेपाली- मीठो नीम (मिथो नीम)

पंजाबी -बोवला (बोवाला), लु (गंडालू)

मराठी- करहिनिम्ब (करहिनिम्ब), करीपात (करिपत)

मलयालम- करीवेपु (करिवेपु), करियापला (करियापाला)

मिजोरम- अर्पटिल (अरपाटिल)

अरबी- वर्क अल करी ( वरक अल कारी)

मीठा नीम के फायदें।

एनीमिया का जोखिम कम करता है।

शरीर में खून की कमी के कारण एनीमिया होता है और इस रोग से निजात पाने के लिए मीठा नीम का सेवन फायदेमंद होता है, इसमें अधिक मात्रा में आयरन और फोलिक एसिड होता है।

मीठा नीम घाव, फोड़े, के लिए।

मीठा नीम की पत्ती का पेस्ट लगाने से घाव, चकत्ते, फोड़े और हल्के जलने पर रोगनिवारक प्रभाव पड़ता है, इन पत्तियों का पेस्ट किसी भी प्रकार के हानिकारक संक्रमण को रोकने और खत्म करने में मदद करता है। ताजा पेस्ट बनाने के लिए आप पत्तों को पीस कर इसमें थोड़ा सा पानी मिला सकते हैं। फिर इसे सीधे फोड़े पर, त्वचा की जलन, खरोंच और त्वचा के फटने पर लगा सकते हैं। अच्छे परिणामों के लिए पेस्ट को रात भर के लिए लगा कर छोड़ दें, पत्तों में उपस्थित कार्बाज़ोल एल्कालॉइड यौगिक घाव भरने की प्रक्रिया को गति देता है, मीठा नीम की  पत्ती घाव, फोड़े और जलने पर एक समान प्रभाव डालती हैं।

पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

खाली पेट मीठे नीम का सेवन विशेष रूप से बेहतर पाचन स्वास्थ्य के साथ जुड़ा हुआ है, जब खाली पेट सेवन किया जाता है, तो मीठे नीम के पत्ते पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करते हैं और मल त्याग में मदद करते हैं, यह कब्ज से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है।

मधुमेह में लाभकारी।

शरीर में इंसुलिन की गतिविधि को प्रभावित कर ब्लड से शुगर से स्तर को कम करने में मीठा नीम का पत्ता मदद करता है, फाइबर की मात्रा भरपूर होने से इस बीमारी से जूझ रहे रोगियों के लिए फायदेमंद है।

मीठा नीम वजन घटाता है।

मीठे नीम के पत्ते को चबाने से वजन कम करने में मदद मिलती है, बेहतर पाचन, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना, बेहतर कोलेस्ट्रॉल का स्तर इसमें मदद करता है।

मीठा नीम मितली (जीघबराने) मे फायदेमंद।

गर्भावस्था की पहली तिमाही में सुबह की बीमारी और मितली से राहत पाने के लिए महिलाएं मीठा नीम के पत्ते का विकल्प चुन सकती हैं, मीठा नीम के पत्ते पाचन को बढ़ाने और मतली, सुबह की बीमारी और उल्टी से राहत देने में मदद करते हैं।

बालों को झड़ने से रोकता है।

मीठा नीम के पत्ते बालों के झड़ने से लड़ने में मदद कर सकते हैं, सुबह सबसे पहले एक गिलास पानी पीने के कुछ मिनटों के बाद कुछ ताजा मीठा नीम के पत्ते चबा सकते हैं, पत्तियों को ठीक से चबाएं और नाश्ता करने से कम से कम 30 मिनट पहले इसका सेवन करें, इसके अलावा मीठे नीम के पत्तों का हेयर टॉनिक भी बना सकते हैं, इसके लिए पत्तों को इतना उबालें कि पानी में घुल जाएं और पानी का हरा रंग हो जाए। इसे बालों में 20-25 मिनट लगाएं। इससे फायदा पहुंचेगा।

दिल की बीमारियों से बचाता है।

मीठे नीम के पत्ते में ब्लड कोलेस्ट्रॉल कम करने का गुण होता है, इससे दिल की बीमारियों से दूर रह सकते हैं, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण होने से रोक देते हैं, इससे बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती नहीं और दिल से जुड़ी परेशानिया कम होती है।

वज़न घटाने मे मीठा नीम। 

मीठा नीम के पत्ते वजन घटाने में सहायता कर सकते हैं, यह आपको आश्चर्यजनक लग सकता है पर यह सच है, इसमें पाया जाने वाला कार्बोल अल्कलॉइड वजन बढ़ने से रोकने में आपकी मदद कर करता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस प्रकार वजन कम करने के लिए मीठे नीम के पत्ते का सेवन किया जा सकता है।

इस तरह करें डेली डायट में शामिल।

पोहा, कढ़ी और सांभर में करी पत्ता पारंपरिक रूप से खाया जाता है, लेकिन आप साबूदाना खिचड़ी, नमकीन दलिया, चटनी, दाल और सब्जी बनाते समय भी मीठे नीम का उपयोग कर सकते हैं, इससे आपके भोजन का स्वाद तो बढ़ेगा ही, साथ ही आपकी सेहत भी बेहतर बनी रहेगी।

मीठे नीम के नुकसान।

मीठे नीम के पत्ते के कोई गंभीर नुकसान नहीं हैं फिर भी अगर आपको मीठे नीम के पत्ते से एलर्जी है तो आपको इससे बचना चाहिए।

 ध्यान रखे मीठे नीम के फल खा सकते हैं, पर इनके बीज नहीं खाने चाहिए। क्योंकि मीठे नीम के बीज मे जहर होता है।

 गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों द्वारा उपयोग करने से पहले एक प्रशिक्षित, चिकित्सक से परामर्श किया जाना चाहिए।

हमारा पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार आपके पास कोई और अन्य जानकारी हो तो हमें बताएं आपका दिन शुभ हो, धन्यवाद।

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