MLM क्या है ? MLM कंपनी से कैसे जुड़े ? और कोनसी कम्पनी से जुड़ें।

आप जरूर जानते होंगे की MLM क्या है ? MLM का फुल फॉर्म Multi-Level Marketing हैं, भारत एक बहुत बड़ा देश है और यहाँ की आबादी भी दुनिया में दूसरे नंबर पर आती है, भारत में बेरोज़गारी बहुत ज्यादा है, पढ़े लिखे होने के बावजूद नौकरियां कम हैं और इसीलिए बेरोज़गार युवा सोचते हैं की पैसे कैसे कमाए और नए नए तरीके ढूंढते हैं जिससे की अच्छी इनकम कर सके. बहुत से लोग तो घर बैठ कर ही काम कर के पैसे कमाना चाहते हैं लेकिन कुछ लोगों को बाहर का काम पसंद है. इंटरनेट में आपने देखा होगा की कमाई करने के बहुत से तरके बताये जाते हैं, जिन में से कुछ ही तरीके ऐसे होते हैं जिन में आप वास्तव में पैसे कमा सकेंगे।

MLM (Multi-Level Marketing) क्या है ?

बहु-स्तरीय विपणन (multi level Marketing), (जिसे नेटवर्क मार्केटिंग डायरेक्ट सेलिंग, रेफ़रल मार्केटिंग और पिरामिड सेलिंग भी कहा जाता है) एक ऐसा शब्द है जो कुछ कंपनियों द्वारा उनकी समग्र विपणन रणनीति के अंश के रूप में प्रयुक्त विपणन संरचना को वर्णित करता है। यह संरचना विपणन और बिक्री बल तैयार करने के लिए कंपनी उत्पादों के प्रवर्तकों की क्षतिपूर्ति द्वारा परिकल्पित है, जो न केवल उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से जनित बिक्री के लिए, अपितु अन्य प्रवर्तकों की बिक्री के लिए भी, जिनका उन्होंने कंपनी को परिचय करवाया है, जिसके द्वारा वितरकों की एक निचली पंक्ति और एक पिरामिडनुमा बहु-स्तरीय क्षतिपूर्ति का एक पदानुक्रम निर्मित हुआ है।


MLM कंपनियां अक्सर विवाद का विषय और साथ ही, कानूनी मुकदमों का भी शिकार रही हैं। अवैध पिरामिड योजनाओं के साथ उनकी समानता, उत्पादों का मूल्य निर्धारण, उच्च प्रारंभिक गठन लागत, वास्तविक बिक्री की तुलना में निम्न-वर्गीय विक्रेताओं की भर्ती को अधिक प्रोत्साहन देना, यदि अपेक्षित नहीं तो विक्रेताओं को कम्पनी के उत्पादों की खरीदी और उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना, निजी संबंधों का संभाव्य शोषण, जिसका नई बिक्री और भर्ती लक्ष्य के रूप में उपयोग किया जाता है, जटिल और कभी-कभी अतिरंजित क्षतिपूर्ति योजनाएं और पंथ समान तकनीक, जो कुछ समूह अपने सदस्यों के उत्साह और समर्पण को बढ़ाने के लिए उपयोग करते हैं, जैसे विषयों पर आलोचनाओं ने ध्यान केंद्रित किया है। सभी MLM कंपनियां एक ही तरह से काम नहीं करती हैं और MLM समूहों ने लगातार इस बात का विरोध किया है कि उनकी तकनीकें अवैध व्यापारिक व्यवहार हैं।

नेटवर्क मार्केटिंग में सीधा सा काम ये होता है की इसमें कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर्स को और डिस्ट्रीब्यूटर्स (अपने बिज़नेस पार्टनर ) बनाने पड़ते है यानि की अपनी टीम बनानी पड़ती है और फिर वो बिज़नेस पार्टनर अपने खुद के बिज़नेस पार्टनर बनाते है इस प्रकार टीम बढ़ती रहती है, और सबको पैसे आते रहते है।

आप को भी जरूर कोई ऐसा इंसान मिला होगा जिसने आपको बताया होगा एक ऐसे प्लान के बारे में जिसमे आपको लोगों को joining करवाना होगा. वैसे तो इस तरह की प्लानिंग वाली बहुत सी कंपनियां भारत में है, लेकिन कुछ ही कंपनियां विश्वासी हैं, अक्सर लोग इस तरह के नेटवर्किंग वाले बिज़नेस में जुड़ जाते हैं और बहुत ही उत्साह के साथ काम करते हैं, लेकिन ऐसा भी हो चूका है की बहुत सी कंपनियां बंद हो चुकी है। कुछ अभी तक अच्छे से चल रही है, इससे जुड़े लोग भी कामयाब हो चुके हैं जिन्होंने पुरे उत्साह के साथ काम किया था।

MLM कम्पनी से कैसे जुड़ें ? और कोनसी कम्पनी से जुड़ें ?

जब भी आप किसी MLM बिज़नेस से जुड़ने जा रहे हैं तो सबसे पहले उस कंपनी के बारे में पूरी जानकारी लें, उसके इतिहास के बारे में पता करें, उसकी मान्यता की जांचा कर लें कहीं वो कप्म्पनी फ़र्ज़ी तो नहीं है।

 आज हर किसी के पास टेक्नोलॉजी है आप कुछ भी जानकारी आसानी से हासिल कर सकते हो तो आप भी कंपनी पे आँख बंद कर के भरोसा बिलकुल भी न करें, उसके हर पहलु के बारे में जानकारी की पड़ताल कर लें, जैसे कंपनी कहाँ की है, इसे कब बनाया है और किसने बनाया है ? ये सरकार से मान्यता प्राप्त है या नही. इस में जुड़े लोगों से feedback लेने की कोशिश करें।

कंपनी में जिस प्लान के तहत काम किया जाता है उस प्लान को अच्छे से समझ लें. जब तक आप प्लान सही से समझेंगे नहीं आप काम ठीक से नहीं कर पाएंगे. Plan समझने के बाद अगर आपको लगे की आप उसमे काम कर पाएंगे तभी उसे jon करें।

ज्वाइन करने के बाद उससे जुड़े लोगों से मेलजोल बढ़ाएं और सबकी कार्यशैली को सिखने की कोशिश करें, अधिक से अधिक लोगों से दोस्ती बनायें।

जब आप अपने अंडर लोगों को जोड़ें तो ऐसे लोगों का चुनाव करें जो active हो और काम करने के लिए पूरी तरह से dedicated हों।

अपनी टीम को समय समय पर मोटीवेट करते रहें और जो अच्छा काम करें उसे और प्रोत्साहित करें इससे आपकी टीम और active होगी और लोगों के बिच काम को लेकर रूचि भी बढ़ेगी।

जो लोग आपकी कंपनी में ऊँचे जगह में पहुँच चुके हैं उनसे बात करें और उनसे सभी कामों के बारें में जानकारी ले, उन से सिखने की कोशिश करें की उन्होंने कैसे काम किया और किस तरह से सफलता हासिल की।

कभी भी दूसरों को गलत बात न बताएं झूठ न बोले जो सचाई है वही बताये. क्यूंकि झूठ की बुनियाद खोखली होती है, आप एक बार झूठ बोलोगे तो फिर आप पर दुबारा कोई भरोसा नहीं करेगा, और एक झूट बोलने पर अनेक बार झूट बोलना पड़ेगा।

लोगों के बिच जाएँ उन्हें काम करने के लिए प्रोत्साहित करें, Plan लोगों को अच्छे से समझाएं, जिससे लोगों को कंपनी से जुड़ने में आसानी हो और काम करने में मज़ा आये।


यह हम पहले ही बता चुके हैं कि कंपनी की पहचान करना और उसकी हर जानकारी लेना बहुत जरुरी है, सबसे पहले ये जान लें की कंपनी कब बनी है और कितनी पुरानी है ? इसमें कुल कितने लोगों ने Joining की हुई है, कंपनी के मैनेजर कौन हैं?

कंपनी के लीडर कौन है उनसे मिले और बात करें और जानकारी लें की इसमें कमाई कैसे की जाती है।

कंपनी की ऑफिस और साइट को खुद जाकर देखें बिना देखे कभी भी join न करें. Fake और फ़र्ज़ी काम करने वालों की कमी नहीं है इसीलिए आप जितनी सावधानी बरतेंगे उतना ही अच्छा है।

जिस कंपनी से आप जुड़ना चाह रहे हैं उस के मान्यता के बारे में पता करें. उसके legal document खुद से चेक करें, कंपनी की सरकारी मान्यता होना अनिवार्य है, कभी भी ऐसी कंपनी join न करे जिसका legal document न हो या फिर वो अपने paper दिखाना न चाहते हो, ऐसे लोग spamming भी कर सकते हैं।


Plan के बारे में पूरी इनफार्मेशन लेने की कोशिश करें।
ये भी जान लें की membership Plan onetime है या फिर इसे वार्षिक renew किया जाता है।

कंपनी के प्रोडक्ट की इनफार्मेशन ले ले और इनकम ratio जरूर जान लें साथ sponsorship की भी जानकारी लें।
हमारा आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद आपका दिन शुभ हो।

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