नौकरी में बाधा आने का कारण क्या है ? और पूजा का फल क्यों नहीं मिल रहा ?

 पहले के जमाने में क्या होता था लोग कुछ समझ नहीं पाते थे अपने रास्ते जाते, रास्ते आते आज लोग इतने आगे चले गए हैं कि उनका दिमाग पहले से कई गुना ज्यादा चलने लग गया। आज हम इसी के बारें मे खुलासा करेंगे। पोस्ट को पूरा पढ़िए नीचे बहुत ही जरूरी जानकारियां दी गई है।

घर में समस्या क्यों आती है ?

दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो अपने मन में इतने घिनौने विचार लेकर रहते हैं, वो यह सोचते हैं कि इस धरती पर उनके बराबर कोई नहीं है, उनके सामने सब बोने हैं और दूसरों को नीचा दिखाने के लिए अनेकों मानसिक रूप से कुविचार लिए रहते हैं, कर्मों का प्रभाव जब आता है तब किसी जरूरतमंद गरीब को पकड़ेंगे उनके मानसिकता के साथ अनेकों खेल खेलना शुरू करेंगे। यह सही नहीं है।

क्योंकि जिसका पैसा है वह उसी को जाता है, ठीक उसी तरह से जिसका जो कर्म है उसका उसी को फल मिलेगा।

दिमाग के खेल का छोटा सा उदाहरण 

एक इंसान किसी सेठ के पास नौकरी कर रहा होता है। और वह कुछ गलत या सही काम करके वहां से नौकरी छोड़ कर चले जाता है, अब वहां दूसरा आदमी उसी नौकरी पर आ जाता है, उसका जो कर्म किया हुआ होता है, वहां झूलते हुए रहता है, वह आते-जाते रहता है, उसका कर्म समझ सकते हो आप नहीं समझोगे चलो में बताता हूं, 

आप नौकरी पर नए हैं आपको कुछ पता नहीं है सिर्फ आपके माइंड में प्रॉब्लम चलती रहती है, और आपसे बराबर काम नहीं हो पाता, आपको यह एहसास नहीं हो पाता है कि मेरा माइंड खराब क्यों है, सिर्फ आपका कुछ दिनों तक दिमाग खराब रहता है, फिर आपके माइंड में ऐक मैसेज आना सुरू होगा, जो पहले भी आ सकता है, यह मैसेज पीछे जिसने नौकरी छोड़ी उसका होगा या किसी और का अब आपको यह सोचना है कि आपके दिमाग में क्या आया अच्छा आया तो करो बुरा आया तो इग्नोर करते रहो चाहे नौकरी छोड़नी पड़े, आपको बस उसकी बुराई की ताक़त को ख़तम करना है, वो आपसे जुड़ने न पाय

कहीं हमसे तो नहीं हो रही है गलती

 आपको उसका जो कर्म है उस कर्म के हिसाब से आपको एक दिमाग में मैसेज आते रहेगा कि यह काम करो एक्स वाई जेड उसने जो भी किया है, जैसे कोई अच्छा काम तो आप उसे स्वीकार जरूर करें, और कुछ खराब खिलाना या कुछ गंदी चीज खिला देना आदि आप उसको इग्नोर करते रहेंगे ऐसा गलत कुछ भी नहीं करेंगे मगर उसका जो यह वायरस आपके दिमाग में बार-बार में आते रहेगा क्योंकि वह भी कहीं दूसरी जगह अपने काम को जमाने की कोशिश कर रहा होता है, जब तक उसका काम नहीं चलेगा तब तक यह वायरस आते रहेगा। 

  उसने जो किया है वह तो वही भूकतेगा कर्म के बीज है, अगर आपके पास समस्या है तो उसका समाधान भी है इस पृथ्वी पर इस सृष्टि में ऐसी कोई चीज नहीं है, जिसका महत्व ना हो ठीक उसी तरह से ऐसी कोई समस्या भी नहीं है, जिसका इलाज नहीं है, अब सिर्फ आपको यही सोचने की आवश्यकता है कि आपके पास कीस तरह की समस्या आ रही है, उसके पीछे का कारण क्या है उसी को आपको खोजना है, और उसका समाधान इस तरह निकाल कर अपनी जिंदगी को सुखमय बनाना है।

अगर उसका काम सही था तो कृपया करके आप उसे स्वीकार करें। उसका भी भला हो आपका भी भला हो, इसी तरह से इस दुनिया में एक दूसरे से लोग जुड़े हुए रहते हैं, किसी को कुछ पता नहीं होता है, वह अपने आप को दूसरे की ऊर्जा से खुदा समझने लग जाते हैं।

आपने कभी कभी सुना भी होगा अपनी मानसिकता में

 लो मैंने ले लिया उसे

 छोड़ ना यार भाड़ में जाए

हमारा आता क्या

यार इसे मै ले लूं क्या

मैं उसे ले लूंगा आदि सवाल सामने वाले के कर्मों के हिसाब से हमारे उत्तर आते रहते हैं, यह एक चमत्कार जैसा लग रहा होगा। मगर है, कभी घमंड मत करना अन्यथा लोग गिरा देंगे, आप नहीं तो कोई और सही आप समझ गए होंगे।

पूजा करते हैं मगर उसका फल क्यों नहीं मिलता ?

 आप अपने घर में पूजा-पाठ करते हो उस पूजा-पाठ या प्रार्थना का फल आपको मिले आप यही चाहते हो तो आप मानसिक रूप से किसी को भी परेशान करना बंद कर दीजिए, जैसे:- 

1 पूजा, प्रार्थना, ध्यान करते समय मन में किसी भी तरह का विचार नहीं लाना चाहिए अगर आप विचार ला रहे हैं, जैसे किसी नौकर का, किसी प्रेमी का, प्रेमिका का, किसी पैसों के बारे में आदि विचारधारा आपकी पूजा-पाठ, ध्यान या प्रार्थना जो कर रहे हैं, उसका फल समाप्त कर देते हैं, अगर आपका ध्यान केंद्रित नहीं हो रहा है तो उसको केंद्रित करने का अभ्यास करें ऐसा नहीं कर सकते तो आपको परमात्मा का आशीर्वाद नहीं मिलेगा, इसलिए सिर्फ आप ध्यान, पूजा, प्रार्थना जो कर रहे हो और जिसकी कर,रहे हो सिर्फ उसी का ध्यान रहे दूसरी तरफ ध्यान न जाए।

2 अगर किसी के साथ दुश्मनी है पूजा-पाठ, प्रार्थना करते समय उसका भी बुरा कभी न सोचें या भगवान से ऐसा कुछ भी मत मांगिए जो इंसान के लिए घातक सिद्ध हो भले ही वह आपका दुश्मन ही क्यो न हो, आप दुआएं मांग सकते हो, मगर किसी के लिए तकलीफ कभी भगवान से मत मांगना। सिर्फ परमात्मा में लीन होकर ही पूजा-पाठ, ध्यान, प्रार्थना करें।

3 आपके घर के नौकर के साथ भी आप किसी भी तरह का मानसिक दबाव न डालें क्योंकि उसके पास भी आत्मा है फर्क इतना है उसका काम छोटा है। आपका काम बड़ा है, बाकी कोई अंतर नहीं है। वह भी इंसानी रूप में जन्म लिया है आप और हम इंसानी रूप में जन्म लिया अन्न, जल वही खाता, पिता है, और अन्न, जल ही हम खाते, पीते हैं। अगर आपको नौकर पसंद नहीं है चुपचाप हिसाब दे दीजिए।

ध्यान देने की आवश्यकता।

यह भी ध्यान रखना जरूरी बात है दुनिया में 95% औरतों के बदमाश लोग पीछे लगे रहते हैं। यानी कि कोई ऐसी औरत नहीं जिनके पीछे कोई मर्द ना हो यहां औरतों को समझदारी बरतने की जरूरत है, अपनी जिंदगी को बर्बाद नहीं करना चाहिए मर्द हमेशा बाहर रहते हैं उनको इतना ध्यान करने की जरूरत नहीं है, मगर औरत को बच के रहना चाहिए किसी के चक्कर में आने से पहले वहां से हट जाना चाहिए। इसी तरह लड़कियों को आवारा लड़कों से बच के रहना चाहिए। क्या यह सही था ? 

 प्रकृति और परिवर्तन

 इस धरती पर आपका अधिकार नहीं है आप यह कभी मत सोचिए कि मैं चाहूं वैसा हो जाएगा हर एक चीज बनती है, वह जरूर नष्ट होती है, यहा कभी अपने आप को परमात्मा समझने की कोशिश मत करना अगर आपसे गलतियां हुई है तो आप उसका पश्चाताप कर आगे से यह गलती ना हो यह प्रयास करें और आगे गलती ना दोहराए आपका भला अवश्य होगा।

एक बात और मैं यहां पर बता देना चाहता हूं इस धरती पर ऐसे लोग भी हैं जो इंसान रूप में दूसरे इंसानों की सहायता करने पर तत्पर रहते हैं आप उन्हें भी देव स्वरूप मान सकते हो क्योंकि हर आत्मा में परमात्मा वास करता है ऐसा समझना चाहिए इसीलिए तो कहते हैं किसी को सताओ मत हर इंसान में ईश्वर मौजूद है किसी न किसी रूप में किसी न किसी कारण से कर्म ही सर्वोपरि है इसलिए अच्छे कर्म करते रहो। मैं यह बात हर एक समझदार व्यक्ति के लिए कहीं है अनजाने में भी आप किसी को तकलीफ मत दीजिए अन्यथा इसका परिणाम करने वाले को ही भुगतना पड़ेगा।

अपने आप को मजबूत बनाएं।

दोस्तों हमने इस पोस्ट में दिमाग की मानसिकता का खुलासा किया है, आपको कैसा लग रहा है हमें कृपया करके बताएं अगर आपके पास कोई और सुझाव हो तो हमें बताएं या हमने कुछ गलत लिखा है तो भी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ।

हमने इस पोस्ट के द्वारा आपको एक अनुभव के आधार पर पूरी जानकारी दी है, इसके हिसाब से आप जो भी करेंगे अपनी जिम्मेदारी से करेंगे इसमें हमारा किसी भी तरह से लेना देना नहीं रहेगा। या किसी जानकार से सलाह ले।

 हमने एक अनुभव आपके सामने प्रस्तुत किया है, हमारा किसी को ठेस पहुंचाने का मकसद नहीं है। धन्यवाद आपका दिन शुभ हो।

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