संदेश

जुलाई 30, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नाबार्ड क्या है ? 2021 में नाबार्ड में भर्ती ।

चित्र
 हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है! अक्सर ग्रामीण विकास व ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि में कभी ज्यादा मुश्किलें आती है! ऐसे में जब नाबार्ड की बात आती है तो किसान भाइयों को अक्सर जानने की उत्सुकता रहती है! नाबार्ड क्या है NABARD kya hai in Hindi कैसे हम इससे अच्छे ब्याज दर लोन ले सकते हैं ? देश व राज्य की सरकार को सरकारी नीतियों के अंतर्गत किसान की समस्याओं का समाधान निकालना होता है। NABARD कृषि की तमाम नई तकनिकी, वित्तीय और उत्पादन के क्षेत्र में काम करने वाला प्रमुख संस्थान है।  क्या आप जानते हैं भारत में कितने नाबार्ड बैंक है (NABARD Bank in india) आज हम जानेंगे BARD kya hai ? NABARD का Full Form in Hindi इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी जानेंगे! इसके साथ ही आज हम आप तक कृषि से सम्बंधित एक ऐसी वित्तीय संस्था के बारे में बताने जा रहे हैं जो मुख्यतः कृषि पर मिलने वाले लोन से सम्बंधित है।आइये जानते हैं NABARD kya hai in Hindi इसे कृषि के क्षेत्र में कैसे परिभासित करेंगे ? हम यह भी जानेंगे इसमें कितने तरह का लोन मिलता है और किस तरह से यह काम करता है। साथ में हम यह भी जानेंगे भारत में NABARD

धूनी के फायदे, जाने चमत्कारी 13 प्रकार की धूनी। अगर आप लोबान कि धूनी दे रहें हैं, तो यह जानले।

चित्र
धूप, दीप, चंदन, कुमकुम, अष्टगंध, जल, अगर, कर्पूर, घृत, गुड़, घी, पुष्प, फल, पंचामृत, पंचगव्य, नैवेद्य, हवन, शंख, घंटा, रंगोली मांडना, आंगन-अलंकरण, तुलसी, तिलक, मौली (कलाई पर बांधे जाने वाला नाड़ा), स्वस्तिक, ओम, पीपल, आम और कैले के पत्तों का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है।  सर्वश्रेष्ठ धूप कोनसा हैं ? तंत्रसार के अनुसार अगर, तगर, कुष्ठ, शैलज, शर्करा, नागरमाथा, चंदन, इलाइची, तज, नखनखी, मुशीर, जटामांसी, कर्पूर, ताली, सदलन और गुग्गुल ये सोलह प्रकार के धूप माने गए हैं। इसे षोडशांग धूप कहते हैं। मदरत्न के अनुसार चंदन, कुष्ठ, नखल, राल, गुड़, शर्करा, नखगंध, जटामांसी, लघु और क्षौद्र सभी को समान मात्रा में मिलाकर जलाने से उत्तम धूप बनती है। इसे दशांग धूप कहते हैं।  इसके अलावा भी अन्य मिश्रणों का भी उल्लेख मिलता है जैसे- छह भाग कुष्ठ, दो भाग गुड़, तीन भाग लाक्षा, पांचवां भाग नखला, हरीतकी, राल समान अंश में, दपै एक भाग, शिलाजय तीन लव जिनता, नागरमोथा चार भाग, गुग्गुल एक भाग लेने से अति उत्तम धूप तैयार होती है। रुहिकाख्य, कण, दारुसिहृक, अगर, सित, शंख, जातीफल, श्रीश ये धूप में श्रेष्ठ माने जाते हैं। धू