संदेश

मार्च 11, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

संतरा और किन्नू की पहचान:-Orange fruit & Murcutt fruit different

  बाजार में आप जाते हैं तो मौसमी फलों में से सबसे ज्‍यादा पसंद करते हैं संतरे को. पर अक्‍सर संतरा की जगह कीनू खरीद लाते हैं, क्योंकि संतरा और कीनू देखने में लगभग एक जैसे होते हैं। दोनों ही फल साइट्रस परिवार से आते हैं और सर्दियों में इनकी अच्छी पैदावार होती है। सिर्फ कीनू ही नहीं, संतरे की कई अन्य किस्म आप बाजार से खरीद सकते हैं। कमर्शियल स्केल पर संतरे की 5 किस्में अधिक बिकती हैं, जिसमें कीनू के अलावा नागपुर संतरा (Nagpur orange), दार्जिलिंग संतरा (Darjeeling orange), खासी मंदारिन और कूर्ग मंदारिन (Khasi mandarin and Coorg mandarin) संतरा। कीनू सबसे हेल्दी साइट्रस फल (Citrus fruit) है, जो भारत और पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। इसे पंजाब के राजा के रूप में भी जाना जाता है। इसके अलावा यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा के कुछ क्षेत्रों में भी उगाया जाता है। कीनू, संतरे का ही रूप होता है। आप इसे देखकर भ्रमित भी हो सकते हैं। इसकी मूल रूप से दो किस्म होती हैं। किंग (साइट्रस नोबिलिस) और विलो

शिवरात्रि विशेष। 2021-03-11

चित्र
हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। इसी तरह से प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि का व्रत 11 मार्च 2021 दिन गुरूवार को मनाया जाएगा। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए यह दिन बहुत ही विशेष माना गया है। महाशिवरात्रि पर मंदिरों में शिवभक्तों की लंबी कतारे लगती हैं। भक्त शिव जी की कृपा पाने के लिए व्रत और विधिवत् पूजन करते हैं। महाशिवरात्रि पर नियम और निष्ठा के साथ की गई पूजा आपके जीवन के कष्टों को दूर करती है। इसके साथ ही महाशिवरात्रि का पावनपर्व पर पूजा अनुष्ठान और मंत्र जाप करके रोगों और ग्रह दोषों से भी मुक्ति प्राप्त की जा सकती है।  शिवरात्रि को लेकर भगवान शिव से जुड़ी कुछ मान्यता प्रचलित है। ऐसा माना जाता है कि इस विशेष दिन ही ब्रह्मा के रुद्र रूप में मध्यरात्रि को भगवान शंकर का अवतरण हुआ था । वहीं यह भी मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने तांडव कर अपना तीसरा नेत्र खोला था। इसी दिन को भगवान शिव के वीवाह से भी जोड़ा जाता है। शिवरात्रि का अत्यं