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हल्दी के फायदें:-Benefits in turmeeic

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  भारतीय मसालों में हल्दी (Haldi) का एक अलग ही महत्व है। यही कारण है कि आपको हर घर की रसोई में हल्दी ज़रूर मिलेगी। हल्दी खाने का स्वाद और रंग रूप तो बढ़ाती ही है साथ ही यह कई तरह के रोगों से भी रक्षा करती है। प्राचीन काल से ही हल्दी को जड़ी बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेद में हल्दी के फायदे के बारे में विस्तृत उल्लेख है। इस लेख में हम आपको हल्दी के फायदे – नुकसान के बारे में विस्तार से बतायेंगे। रिसर्च के अनुसार हल्‍दी के नियमित सेवन से ग्‍लूकोज़ का लेवल कम हो जाता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा कम हो सकता है। हल्दी क्या हैं:-  हल्दी एक जड़ी-बूटी है। इसका इस्तेमाल मसालों के रुप में प्रमुखता से किया जाता है। हिंदू धर्म में पूजा में या कोई भी शुभ काम करते समय हल्दी का उपयोग किया जाता है। खाने के अलावा कई तरह की बीमारियों से बचाव में भी हल्दी का उपयोग होता है। इस समय पूरी दुनिया में हल्दी के गुणों पर रिसर्च चल रहे हैं और कई रिसर्च आयुर्वेद में बताए गुणों कि पुष्टि करते हैं। हल्दी की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित चार प्रजातियों का प्रयोग चिक

IMC shree haldi ke fayden

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 हल्दी का सबसे अहम तत्व करक्यूमिन होता है जो सबसे उपयोगी है हल्दी में लगभग 2% करक्यूमिन पाया जाता है यानी 1 किलो हल्दी में 20 ग्राम करक्यूमिन होता है। श्री हल्दी के फायदें:-Benefits of shree haldi in hindi श्री हल्दी शरीर के लिए बहुत लाभदायक है।  यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है।  इसके सेवन से रक्त शोधित होता है और शरीर में मोजूद विशैले तत्व बाहर निकल जाते हैं।  सर्दी जुकाम कफ की समस्या में यह लाभकारी है।  हृदय संबंधी बीमारी जैसे कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना हार्ट अटैक आदि के खतरे को कम करने में सहायक है।  मधुमेह को कंट्रोल करने में लाभकारी है।  कैंसर जैसी भयानक बीमारी में भी लाभकारी है।  इसका सेवन हमारे चेहरे की सुंदरता को बढ़ाता है और त्वचा संबंधी रोग में एवं झुर्रियों को रोकने में लाभकारी है।  रात को सोने से पहले इसके सेवन से नींद अच्छी आती है।  सुबह खाली पेट इसका सेवन मोटापे को कम करने में सहायक है।  यह पेट संबंधी समस्या जैसे अपच,पेट में गैस ,पेट में दर्द इत्यादि में लाभकारी है।  गठिया के रोगों में लाभकारी है।  मुंह में छाले होने पर गुनगुने पानी में दो बूंद डालकर कुल्ला क

तुलसी के फायदें:-Health Benefits Of Tulsi in hinde

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तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसमें विटामिन (Vitamin) और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है क्योंकि इससे ज्यादा उपयोगी औषधि मनुष्य जाति के लिए दूसरी कोई नहीं है। तुलसी को धार्मिक-महत्व के कारण, हर-घर के आगंन में तुलसी के पौधे लगाए जाते हैं। तुलसी की कई प्रजातियां मिलती हैं। जिनमें श्वेत व कृष्ण प्रमुख हैं। इन्हें राम तुलसी और स्याम तुलसी भी कहा जाता है। अन्य भाषाओं में तुलसी के नाम तुलसी का वानस्पतिक नाम Ocimum sanctum Linn. (ओसीमम् सेंक्टम्), कुल का नाम Lamiaceae (लैमिएसी) है। अन्य भाषाओं में इसे निम्न नामों से पुकारा जाता है। Hindi : तुलसी, वृन्दा Sanskrit : तुलसी, सुरसा, देवदुन्दुभि, अपेतराक्षसी, सुलभा, बहुमञ्जरी, गौरी, भूतघ्नी English: Basil Odia : तुलसी (Tulasi) Kannad : एरेड तुलसी (Ared tulsi) Gujrati : तुलसी (Tulasi) Bengali : तुलसी (Tulasi) Nepali : तुलसी (Tulasi) Marathi : तुलस (Tulas) Malyalam : कृष्णतुलसी (Krishantulasi) Tamil – तुलशी (Tulashi) Telugu – गग्गेर चेट्टु (Gagg

श्री तुलसी के फायदे-Shree Tulsi Benefits

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200 प्रकार की बिमारियों को खत्म करने वाली IMC की श्री तुलसी विश्वभर में सबसे प्रसिद्ध और असरकारक Tulsi drop है। यह पूरी तरह से आयुर्वेदिक है और इसमें किसी भी प्रकार का केमिकल नही है। यह हरिद्वार में IMC की फैक्ट्री में बनाई जाती है। अगर IMC (International Marketing Corporation) की बात करें तो यह एक प्रमाणित कंपनी है, जो की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), GMP, GPP, HALAL, आयुर्वेदिक विभाग और कई सारी संस्थाओं द्वारा प्रमाणित है और इसे कई सारे पुरस्कार भी मिल चुके हैं। आईएमसी की श्री तुलसी में किसी प्रकार की कोई मिलावट नही की जाती, यह 100% शुद्ध होता है, इसमें एक बूँद भी पानी नही मिलाया जाता है। यह हमारे आंगन में उगने वाली तुलसी से कई गुना ज्यादा असरकारी है क्योंकि यह पांच प्रकार की तुलसियों द्वारा बनाई जाती है जिनका नाम है: श्याम तुलसी (Ocimum Tenuiflorum) विष्णु तुलसी (Ocimum Sanctum) राम तुलसी (Ocimum Gratissimum) निम्बू तुलसी (Ocimum americanum)  वन तुलसी (Ocimum Basillicum) इन पांचों प्रकार की तुलसी का विशेष विधि द्वारा सत् निकाल कर श्री तुलसी को बनाया गया है। यह तेल के रूप में होता