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फ़रवरी 4, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हरी सरसों के फायदे।

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सर्दी का मौसम आते ही बाजार में हरी पत्तेदार सब्जियों की जैसे बहार ही आ जाती है। इस मौसम में अक्सर लोग पालक, सरसों व हरी मेथी जैसी सब्जियों को खाना पसंद करते हैं। यह हरी पत्तेदार सब्जियां किसी वरदान से कम नहीं हैं।  जहां तक हरी सरसों की बात है, तो इसके औषधीय गुण व्यक्ति को कई तरह के रोगों से बचाकर रखते हैं। हरी सरसों को आप चाहे कच्चे पत्ते या  सब्जी के रूप बनाकर खा सकते हैं। सरसों में विटामिन ए, सी और के की भरपूर होती है। हरी सरसों के फायदे। सरसों मैग्नीशियम से भरपूर होती है. इसके साथ ही साथ सरसों में सेलेनियम भी होता है. यह एंटी इन्फ्लैमटरी होते हैं, जो गठिया में राहत दिलाता है. सरसों आपकी मसल्स को गर्माहट देने का काम करती हैै।    यह भी पढ़ें सरसों का साग बनाने की विधि। अगरर आप कोलेस्ट्रॉल के बढ़े लेवल से परेशान हैं, तो सरसों आपके लिए मददगार साबित हो सकती है. सरसों में विटामिन बी 3 होता है. इसमें नियासिन है जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मददगार है  इम्यून पावर को बढ़ाने में भी सरसों काम की चीज है. असल में सरसों में आयरन, कॉपर और मैंगनीज जैसे गुण हैं, जो इम्यून पावर को बढ़ाने का का

अश्‍वगंधा के फायदे व नुकसान।

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 भारत में पांरपरिक रूप से अश्वगंधा का उपयोग आयुर्वेदिक उपचार के लिए किया जाता है। इसके साथ-साथ इसे नकदी फसल के रूप में भी उगाया जाता है। इसकी ताजा पत्तियों तथा जड़ों में घोड़े की मूत्र की गंध आने के कारण ही इसका नाम अश्वगंधा पड़ा वगंधा का इस्‍तेमाल पत्‍ते, इसके चूर्ण  के लिए किया जाता है। कई रोगों में आश्‍चर्यजनक रूप से लाभकारी अश्वगंधा का औषधीय इस्तेमाल इस तरह से किया जाता हैं  बाल की समस्या को रोकने में करें अश्‍वगंधा का प्रयोग   2-4 ग्राम अश्‍वगंधादि चूर्ण  का सेवन करें। इससे समय से पहले बालों के सफेद होने की समस्या ठीक होती है। आंखों की ज्‍योति बढ़ाए अश्‍वगंधा    2 ग्राम अश्‍वगंधा, 2 ग्राम आंवला (धात्री फल) और 1 ग्राम मुलेठी को आपस में मिलाकर, पीसकर चूर्ण कर लें। एक चम्मच चूर्ण को सूबह और शाम गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से आंखों की रौशनी बढ़ती है।  गले के रोग (गलगंड) में करें अश्‍वगंधा का सेवन   अश्‍वगंधा के पत्‍ते का चूर्ण  तथा पुराने गुड़ को बराबार मात्रा में मिलाकर 1/2-1 ग्राम की वटी बना लें। इसे सुबह-सुबह बासी जल के साथ सेवन करें। अश्‍वगंधा के पत्‍ते का पेस्‍ट तैयार करें। इ

Green Fenugreek benefits स्वास्थ्यवर्धक हरी मेथी

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सर्दी का मौसम आते ही बाजार में हरी पत्तेदार सब्जियों की जैसे बहार ही आ जाती है। इस मौसम में अक्सर लोग पालक, सरसों व हरी मेथी जैसी सब्जियों को खाना पसंद करते हैं। यह हरी पत्तेदार सब्जियां किसी वरदान से कम नहीं हैं। जहां तक हरी मेथी की बात है, तो इसके औषधीय गुण व्यक्ति को कई तरह के रोगों से बचाकर रखते हैं। मेथी को आप चाहे सब्जी के रूप में खाएं या फिर परांठे बनाकर, इसका लाभ आपको हर रूप में मिलेगा। तो चलिए जानते हैं हरी मेथी के सेवन से होने वाले कुछ चुनिंदा लाभों के बारे में− हरी मेथी में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। मसलन, इसमें तांबा, पोटेशियम, कैल्शियम, लोहा, सेलेनियम, जस्ता, मैंगनीज, मैग्नीशियम, थमियान, विटामिन बी 6, फोलिक एसिड, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन ए और विटामिन सी आदि कई तरह के पोषक तत्व मौजूद हैं। यह सभी तत्व कई मायनों में सेहत को लाभ प्रदान करते हैं। पोषक तत्वों की खान। हरी मेथी में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। मसलन, इसमें तांबा, पोटेशियम, कैल्शियम, लोहा, सेलेनियम, जस्ता, मैंगनीज, मैग्नीशियम, थमियान, विटामिन बी 6, फोलिक एसिड, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन ए और वि

लाजवाब हरी सरसों का साग।

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 सर्दियों का मौसम आते ही हरी पत्तेदार सब्जियां बाजार में देखने को मिलती है उन्हीं में से एक है सरसों के पत्ते सरसों के हरे पत्ते स्वास्थ्य के लिए तो लाभदायक है ही साथ ही बनाने वाला सही हो तो स्वाद में भी लाजवाब है। तो आइए हम जानते हैं सरसों की हरी सब्जी कैसे बनाएं         सामग्री 5 लोगों के लिए सरसों 500 ग्राम, भतुवा 100 ग्राम, पालक 100 ग्राम, हरी मेथी 75 ग्राम, 3 मुली के कच्चे पत्ते, हरा धनिया 20 ग्राम साफ करके काटा हुआ। सरसों का तेल या रिफाइंड तेल 1 बड़े चम्मच, देसी घी 2 बड़े चम्मच हरी मिर्च 3 फिस, अदरक 2 इंच टुकड़ा, प्याज छोटे दो, लहसुन 50 ग्राम, थोड़ी सबूत राई, लाल मिर्ची पाउडर 2 टीस्पून, हल्दी पाउडर आधा चम्मच, हींग एक चुटकी, दालचीनी पाउडर एक चुटकी, मक्के का आटा 2 टीस्पून भुना हुआ, साबुत लाल मिर्च तीन पीस लंबे आकार में चीर के रख ले, नमक स्वाद अनुसार बनाने की विधि सबसे पहले हरी सरसो, भतुवा, पालक, हरी मेथी, मूली के कच्चे पत्ते, डेंटल हटाकर अच्छे से साफ कर ले फिर 3 बार पानी में से निकाल ले बड़े बर्तन में डालकर जिससे सारी मिट्टी निकल जाए।  उसके बाद बड़े बड़े टुकड़ों में काट लें फिर उस