कृष्ण जन्माष्टमी 2021 कब है ? और श्री कृष्ण के शक्तिशाली 11 मंत्र।

 देवकी और वासुदेव के पुत्र भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को होता है। इसे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के नाम से जानते हैं। द्वापर युग में अत्याचारी कंस से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने कृष्णावतार लिया। भगवान श्रीकृष्ण देवकी और वासुदेव के आठवीं संतान थे। बाल गोपाल श्रीकृष्ण का जन्म रात्रि के समय रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस वर्ष भी जन्माष्टमी पर उनके जन्म के समय जैसा ही ग्रह और नक्षत्रों की स्थितियां बन रही हैं। इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 30 अगस्त दिन सोमवार को है। इस दिन पूरे देशभर में हर्षोल्लास से जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, इस वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 29 अगस्त रविवार को रात 11 बजकर 25 मिनट से लग रही है। यह तिथि 30 अगस्त दिन सोमवार को देर रात 01 बजकर 59 मिनट तक रहेगी।

पूजा का समय 30 अगस्त की रात 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। पूजा के शुभ समय की कुल अवधि 45 मिनट की है। 

उसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। ऐसे में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 30 अगस्त को मनाई जाएगी और 30 अगस्त को ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखा जाएगा।

श्रीकृष्‍ण के शक्तिशाली 11 मंत्र, जन्‍माष्‍टमी पर अवश्‍य जप करे।

1 ‘कृं कृष्णाय नमः'

ये भगवान कृष्ण का मूल मंत्र है, जन्माष्टमी के दिन इस मंत्र का जाप करने से कृष्ण जी की विशेष कृपा की प्राप्ति होती है। भगवान कृष्ण का यह मंत्र सभी कष्ट और संकट दूर करने वाला है। इस मंत्र के जाप से रूका हुआ धन भी प्राप्त होता है।

2 ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय'

भगवान कृष्ण का यह मंत्र परिवार की सुख-समृद्धि में वृद्धि करने वाला है। इस मंत्र के जाप से वैवाहिक जीवन में आने वाले सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं।

 3 ॐ नमो भगवते नन्दपुत्राय आनन्दवपुषे गोपीजनवल्लभाय स्वाहा'

कृष्ण जी का यह मंत्र सर्व कल्याण और आनंद प्राप्ति का मंत्र है। इस मंत्र का जाप करने से सभी मनोवाछिंत फल की प्राप्ति होती है।

4 ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा

इसका प्रतिदिन सुबह जप करें. यह मंत्र अत्‍यधिक शक्तिशाली माना जाता है. इससे धन का आगमन होता है.

5 गोवल्लभाय स्वाहा

इससे धन प्राप्ति होती है. इस मंत्र का जप दिन में किसी भी समय किया जा सकता है।

6 गोकुल नाथाय नमः

इस मंत्र का जप करने वाले की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं. बस इसका सही उच्चारण किया जाना चाहिए.

7 क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः

संपूर्ण सिद्धियों को प्रदान करने वाला मंत्र माना जाता है. दिन में किसी भी समय जप कर सकते हैं. सुबह नित्‍य कर्मों से निवृत्‍त होकर जप किया जाए तो सबसे उत्‍तम माना जाता है।

8 ऐं क्लीं कृष्णाय ह्रीं गोविंदाय श्रीं गोपीजनवल्लभाय स्वाहा ह्र्सो

वाणी का वरदान मिलता है. इस मंत्र के लगातार जप से ऐसा होता है कि आप जो बोलते हैं उसका सही असर होना आरंभ हो जाता है.

9 ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीकृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय श्रीं श्रीं श्री

जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा हो तो दूर हो जाती है. धन की कमी नहीं होती।

10 ॐ श्री कृष्णाय शरणं मम

भगवान श्रीकृष्ण मदद करते हैं जैसे उन्‍होंने द्रौपदी की मदद की थी.

11 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:

इसका जाप कोई भी कर सकता है. बहुत पुण्य देने वाला मंत्र है।

मंत्र जाप में अपनी ऊर्जा शक्ति को नियंत्रित में रखें अपना ध्यान केंद्र में जमाए और मंत्र शुद्ध बोलते हुए ध्यान अपने मस्तक के केंद्र पर करते हुए मंत्र का जाप करें। मन में भगवान बाल गोपाल का ध्यान करते रहे। 

आपकी जानकारी के लिए।

अगर आप किसी भी मंत्र के जाप में रुचि रखना पसंद करते हैं तो अपने गुरु से शिक्षा के आधार पर या गुरु आज्ञा पर ही मंत्रों का जाप या मंत्र सिद्धि करनी चाहिए।

हमने आपको जन्माष्टमी के बारे में और मंत्र कहीं से इकट्ठा करके बताए हैं अगर आप इन मंत्रों का जाप कर भी रहे हैं, तो आप अपनी जिम्मेदारी पर इनका उपयोग करेंगे किसी भी लाभ हानि के जिम्मेदार हम नहीं हैं। क्योंकि हम आपको सिर्फ जानकारीया उपलब्ध करवाते हैं। धन्यवाद आपका दिन शुभ हो।

Previous
Next Post »