प्रेरणादाई आर्टिकल जिसे जीवन में उतार लेना आवश्यक है।


मैं अनेकों पोस्ट में आपको अच्छे कर्मों के बारे में बताते रहता हूं, आज भी उसी तरह का पोस्ट लेकर आया हूं। जिसे आप अपने जीवन में उतार सकते हैं।

 आप अपने जीवन में कभी अपने सुख के लिए, कभी अपने बच्चों के सुख के लिए, कभी अपनी बीवी के सुख के लिए, या कभी अपने माता-पिता, भाई-बहन, बंधुओं के सुख के लिए अनेकों तरह के कर्म करते हो उनमें से भी दो तरह के कर्म होते हैं। एक अच्छे कर्मों से कमाया हुआ धन और एक बुरे कर्मों से कमाया हुआ धन।

अगर आपने अच्छे कर्मों से धन कमाया वह आपको प्रताड़ित नहीं करेगा। अगर आपने बुरे कर्म करके धन कमाया वह आपका एक पॉइंट प्रकृति में शिफ्ट हो जाता है। प्रकृति में जितने जीव-जंतु हैं सभी आ जाते हैं यह सारे प्रकृति के ही जीव  हैं। यहां तक कि हमारा शरीर हमारा नहीं होता, अब इन प्रकृति के जीवो को किसी भी तरह से आप अगर तकलीफ दोगे तो प्रकृति के थ्रू और उस जीव के थ्रू आपका हिसाब होगा।

अब आप में ताकत रहती है, शरीर में इम्यूनिटी पावर रहता है, और शरीर में जान रहती है। तो हम उस चीज को हावी नहीं होने देते हैं हमारे शरीर में भी अनेकों तरह की शक्तियां हैं यह मैं पहले भी आपको पोस्ट में बता चुका हूं

वह शक्तियों से हम लड़ते हुए पार होते रहते हैं बुरे कर्मो के हिसाब हमारे पास बार-बार में आते हैं मगर हम उन कर्मों को हावी नहीं होने देते अगर कोई अच्छा इंसान है अगर उसको अपनी गलती पर जरा भी अफसोस है तो वह अपने आप को सजा देकर उनका हिसाब कर लेता है। वहां तक ठीक है आगे गलती नहीं करूंगा ऐसा बार-बार मैं सोचता है और भगवान से भी प्रार्थना करता है प्रकृति से भी प्रार्थना करता है कि आगे से ऐसा नहीं करूंगा मैं अपने आप को सजा दे चुका हूं मैं, अपने आप को प्रताड़ित कर चुका हूं तो उन कर्मों से छुटकारा पाया जा सकता है मगर आप आज नजरअंदाज करते हो प्रकृति से कि मैं बुरे कर्म नहीं करूंगा और फिर वही दोहरा देते हो तो आप उन कर्मों से नहीं छूड़ पाओगे अगर आपको कर्मों से छुटकारा पाना है तो मानसिक रूप से अपने आप को सजा दीजिए और आगे से कभी भी बुरे कर्म न करने की ठान लीजिए।

अब आपने जब तक शरीर में जान है और आप उन कर्मों को ऐसे ही इग्नोर करते रहे तो जिस दिन मृत्यु नजदीक आएगी आप बेड पर होंगे और आप के जितने कर्म किए हुए हैं वह कर्म उनका हिसाब उस बेड पर होगा यह बात याद रखें जो चीज संसार में बन गई उसे नष्ट होना ही है। मगर जब तक प्रकृति की इस आंखों का कार्य पूरा ना हो जाता तब तक आप नहीं मर सकते।

अब आपके पास उस बेड पर जितने आपने बूरे कर्म किए हैं उनका हिसाब लेने के लिए प्रकृति के जीव जिनको आप ने सताया है सब आएंगे और अपना-अपना हिसाब लेकर चले जाएंगे जब तक उनका हिसाब पूरा नहीं होगा तब तक आप बेड पर असहनीय दर्द को सहन करते रहेंगे।

इसलिए मैं पोस्ट में लिखता हूं उसमें यह बात जरूर कहता हूं कि हमेशा अपने कर्मों पर ध्यान दो बुरे कर्म मत करो किसी को सताओ मत अगर भगवान का दिया आपके पास है। तो उसका घमंड मत करो अकेले मत खाओ किसी का साथ देने की कोशिश करो जीव से प्यार करो आप का कल्याण होगा घर में सभी सुखी होंगे आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी सृष्टि-प्रकृति माता का आपको पूरा साथ मिलेगा परमात्मा आपके साथ खड़ा रहेगा।

हम हमारी जिंदगी में किसी न किसी के साथ जरूर जुड़े हुए होते हैं जैसे हमारे माता-पिता जो हमें बुराइयों की तरफ नहीं जाने देते अच्छाई की तरफ रखने की कोशिश करते हैं मगर हम कभी-कभी बुरे कर्मों की तरफ चले जाते हैं और हमें भी दो आवाजें सुनाई देती है कि यह खराब कर्म है मत करो एक कहता है नहीं कर लो उसी तरह हमारे भी जीवन में कोई ना कोई रहता है जिसे हम क्या कर रहे होते हैं सब पता रहता है यहां आपको अच्छाई की आवाज सुनने की कोशिश करनी चाहिए इसे आप चाहे परमात्मा समझ लो वह आपको गलत रास्ते पर चलने के लिए हमेशा मना करें। मगर आप समझ नहीं पाते और अनेकों जगह भगवान को ढूंढते रहते हैं भगवान हमारे अंदर ही मौजूद रहता है।

आओ हम उस परमात्मा की शरण चलें जो खुद प्रकाश है जिसे प्रकाश की जरूरत नहीं सिर्फ वहां प्रकाश ही प्रकाश है अंधेरे का नाम नहीं उस एक परमात्मा की शरण में रहे जो इस सृष्टि प्रकृति को चला रहा है। उन परमात्मा की शरण में हम चलें जिससे पूरा संसार विराजमान है जो एक है। जिनसे सारे देवता निकले हो उन परमात्मा की हम शरण लेते हैं। जो हमेशा हमें बुराइयों से निकालकर अच्छाइयों की तरफ ले जाने की कोशिश करते हैं, उन परमात्मा की शरण चलें अच्छे कर्म करते हुए हमारे जीवन को कल्याणमय बनाएं। धन्यवाद

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