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मार्च 28, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

स्वस्थ रहने के टिप्स। नशा करने वाले एक बार जरूर पढ़ ले।

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हालातों को देखते हुए सरकार ने लोगों के लिए राशन की व्यवस्था कर दी है।  और आगे बेहतर ढंग से सारी सुविधा देने की कोशिश कर रही है। मगर साथ ही लोकडाउन होने से कंपनियां बंद कर दी गई है, साथ ही सारे साधनों  पर भी रोक लगा दी गई है। मगर उन लोगों का क्या होगा जिन्हें नशा करने की आदत है। जैसे अल्कोहल, पान मसाला, जर्दा, खेनी, बिडीं आदी जो लोग नसों के आदी हैं, उन्हें महंगाई की मार दो मिलेगी ही साथ में नशे का सामान भी उपलब्ध नहीं हो पाएगा।  इन्हीं बातों को देखते हुए हमें सोच लेना है कि हम गुटका, दारू, बीड़ी, सिगरेट, जर्दा, खैनी नहीं खाए और न नशे वाली चीजें पिए अपने घरों में ही रहे। मैं उन भाइयों के लिए नीचे टिप्स छोड़ रहा हूं जो घर में उपलब्ध हो जाएंगी।  जिनसे नशा नहीं छोड़ा जा रहा उनके स्वास्थ्य में भी अच्छा महसूस होगा और नशे की आदतों से भी छुटकारा मिल सकता है, कृपया कर अपना ख्याल रखें नीचे बताए टिप्स पर फॉलो करें। दारु पीने वालों को कड़क काढ़ा पीना चाहिए  दारू नहीं। गुटका खाने वालों को सौं फ मि श्री खानी चाहिएं। खैनी खाने वालों को इलायची मुंह में दवा लेनी चाहिए। या लोंग का उपयोग

सौंफ के फायदे व नुकसान।

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आमतौर पर सौंफ का उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता है इसके अलावा भारतीय रसोई में सौंफ का उपयोग मसाले के रूप में भी किया जाता है।  क्या आपने कभी सोचा है? कि सौंफ खाने के फायदे कितने हैं नहीं पता तो चलिए जानते हैं।                           सौंफ           सौंफ का वैज्ञानिक नाम= Foeniculum vulgare सौंफ के फायदे 1 अगर सांस लेते वक्त मुंह से बदबू आ रही है। तो सौंफ खाने से बदबू दूर हो जाती है। 2 अगर आप कब्ज से परेशान हैं। तो सौंफ को चबा-चबा कर खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है। 3 अगर गर्मियों के दिनों में आप डायरिया के शिकार बन गए तो सौंफ की चाय आपको इससे राह दिला सकती हैं। 4 सौंफ खाने से याददाश्त बढ़ती है। 5 सौंफ का नियमित सेवन दृष्टि को तेज करता है 5-6 ग्राम सौंफ रोज लेने से लीवर और आंखों की ज्योति ठीक रहती है। 6 भुनी हुई सौंफ, मिश्री के साथ खाने से आवाज तो मधुर होती ही है यह खांसी को भी ठीक करती है। 7 अगर आप चाहते हैं कि आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़े तो खाने के लगभग 30 मिनट बाद एक चम्मच सौंफ खा लें। सौंफ कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रण में रखती है। 8 अगर आप एक

औषधीय गुणों से भरपूर है, तेजपत्ता जान ले इसके गुण।

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तेज पत्ता  (Bay leaf) तेज पत्ता ताजा या सूखे तेज पत्तों को उनके विशिष्ट स्वाद और खुशबू के लिए खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। ताजा पत्ते बहुत मंद होते हैं, और तोड़े जाने और कई हफ्तों तक सुखाये जाने तक वे अपना पूरा स्वाद विकसित नहीं कर पाते हैं। [इसे अंग्रेजी में- Bay leaf कहते हैं।  हिंदी में- तेज पत्ता तेजपत  संस्कृत में- तेजपत्र तमालपत्र लैटिन भाषा में- Cinna momum tejpata] अगर साबुत खाया जाए तो तेज पत्ते स्वाद में तेज कड़वा होता है। जैसा कि कई मसालों और स्वाद में वृद्धि करने वाले सामग्रियों के साथ होता है, तेज पत्ते की सुगंध उसके स्वाद से अधिक उल्लेखनीय है। सुखाए जाने पर इसकी खुशबू जड़ी बूटी जैसी थोड़ी सी पुष्प जैसी और कुछ हद तक अजवाइन के पत्तें जैसी होती है।  माइक्रीन जो कई सुगंधित तेलों का घटक है जिनका इस्तेमाल परफ्यूम बनाने में किया जाता है, उसे तेज पत्ते से निकाला जा सकता है। तेज पत्ते में सुगंधित तेल यूजेनोल भी शामिल है। 1 सर्दी-जुकाम      यदि आपको सर्दी-जुखाम हुआ है, तो तेज पत्र के तीन चार पत्ते कूट कर उसमें तुलसी की एक दो पत्तियां डाल दीजिए और उबालकर पी