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मार्च 26, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

खतरनाक वायरसों में से एक इबोला वायरस।

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यह वायरस संक्रमित जानवर सामान्यतया बंदर फ्रूट बैट [एक प्रकार का चमगादड़] के खून या शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में आने से होता है।      डब्ल्यूएचओ 2014 के हिसाब से प्राकृतिक वातावरण में हवा से इसके फैलने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। ऐसा माना जाता है कि फ्रूट बैट प्रभावित हुए बिना यह वायरस रहते और फैलते हैं । जब मानवी संक्रमण होता है तो यह बीमारी लोगों के बीच फेल सकती है। पुरुष उत्तरजीवी इस वायरस की वीर्य के माध्यम से तकरीबन 2 महीने तक संचरित कर सकते हैं। रोग की पहचान करने के लिए आमतौर पर समान लक्षण वाली दूसरी बीमारियों जैसे मलेरिया, हैजा और अन्य वायरल हेमोराहैजिक बुखार को पहले अपवर्जित कर सकते हैं।      रोग की पहचान की पुष्टि करने के लिए खून के नमूनों को वायरल एंटीबॉडीस वायरल आरएनए या खुद वायरस के लिए जांच की जाती है।       यह एक गंभीर बीमारी का रूप धारण कर चुका है इस बीमारी में शरीर में नसों से खून बाहर आना शुरू हो जाता है जिससे अंदरूनी रक्त स्त्राव प्रारंभ हो जाता है यह एक अत्यंत घातक रोग है इसमें 90% रोगियों की मृत्यु हो जाती है।   शुरुआत    इस रोग की पहचान सर्वप्रथम सन