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मार्च 25, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हंता वायरस कैसे पहुंचता है हमारे शरीर में।

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 चीन के ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट करके बताया कि यूननान प्रांत में हंता वायरस की वजह से एक शख्स की मौत हो गई है। पेटागोनिया में जनवरी 2019 में हंता वायरस के कारण 9 लोगों की मौत हो गई थी तब के एक अनुमान के मुताबिक, हंता वायरस से संक्रमित लोगों के 60 मामले सामने आए थे। जिनमें 50 को क्वारंटीन रखा गया था सी डी सी की माने तो हंता वायरस में मृत्यु दर 38 फ़ीसदी होती है। और इस बीमारी का कोई स्पेसिफिक ट्रीटमेंट नहीं है।         क्या है हंता वायरस        अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल, (सि डी सी) के मुताबिक यह ऐसे समूह का वायरस है, जो खासतौर पर चीजों को कूतरने वाले जीवो से फैलता है। जैसे चूहे, गिलहरी और छछूंदर      अमेरिका में इस वायरस को न्यू वर्ल्ड हंता वायरस और यूरोप व एशिया में ओल्ड वर्ल्ड हंता वायरस के नाम से जाना जाता है। यह हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम नाम की बीमारी की वजह है हंता वायरस के कई प्रकार हैं जो रोडेंट्स की अलग-अलग प्रजातियों से फैलता है, वायरस के वाहक चूहे के यूरिन, मल और लार के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो जाते हैं।           सी डी सी के मुताबिक यह वायरस 3

प्रकृति क्या है समझने की कोशिश करें।

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चीन में अब हंता वायरस का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है कोरोना वायरस की मार से जूझ रहे चीन के यूनान प्रांत में सोमवार को हंता वायरस से मौत की खबर सामने आई है। इन हालातों को देखते हुए हमें एक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ है जो आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं कृपया कर इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें आपको पसंद आए तो ग्रहण करें, नहीं पसंद आए तो कोई बात नहीं लेकिन एक बार जरूर पढ़ें। और एक बात हम आपको पहले ही स्पष्ट कर देना चाहते हैं, जिससे आपको पोस्ट समझने में दिक्कत ना हो   कभी-कभी आपने एहसास किया होगा, या उन बातों को नोट किया होगा जो आपके साथ हो चुकी होगी या हो गया होगा ।     वह यह है, कि आप जब किसी छोटे को डांटते हो या किसी कमजोर व्यक्ति को कुछ बोलते या डराते हो आप को बहुत बड़ा सुकून मिलता होगा बस दोस्तों हम यही समझाना चाहते हैं।    जब आपने उसे डांटा वह कमजोर बना कमजोर बनने से उसकी ऊर्जा डांटने वाले के पास आ जाती है ठीक इसी तरह है हम किसी जानवर को मारते हैं तो लाजमी है कि उसकी ऊर्जा हमारे पास जरूर पहुंचती होगी इसी को मद्देनजर रखते हुए हमने यह पोस्ट तैयार किया है। यही प्रकृति

नरेंद्र मोदी जी ने क्या-क्या कहा (24-03-2020) लॉकडाउन के बारे में।

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रात 12 बजे से लोक डाउन पूरे देश में लागू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कोरोनावायरस पर दिशा निर्देश  हर भारतीयों को पालन करना बहुत ही जरूरी है। जनता कर्फ्यू से ज्यादा सख्त कोरोना महामारी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए एक कदम अब बहुत आवश्यक है। निश्चित तौर पर लोकडाउन की आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना है। आपके परिवार को बचाना है। इस समय मेरी भारत सरकार की, देश के हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की।         सबसे बड़ी प्राथमिकता है। और इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है और मैं हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि आप इस समय देश में जहां भी हैं वही रहे।  अभी के हालात को देखते हुए देश में लोकडाउन 21 दिन का होगा (3 सप्ताह)  और मैंने पिछली बार बात की थी, तब मैंने कहा था कि मैं आपसे कुछ सप्ताह मांगने के लिए आया हूं  आने वाले 21 दिन हर नागरिक के लिए हर परिवार के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।    गिनीज एक्सपर्ट की मानें तो कोरोना वायरस के संक्रमण साइड इफेक्ट तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है।         अगर यह 21 दिन नहीं संभले त