औषधीय गुणों से भरपूर है तुलसी का पौधा





भारतीय संस्कृति में तुलसी को पूजनीय माना जाता है धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ तुलसी औषधीय गुणों से भी भरपूर है। आयुर्वेद में तो तुलसी को उसके औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया गया है तो आइए जानते हैं तुलसी के फायदे

1 लीवर संबंधी समस्या-तुलसी की 10-12 पत्तियों को गर्म पानी से धोकर रोज सुबह खाने से लीवर की समस्या में फायदेमंद साबित होती है।
2 पाचन संबंधी समस्या-पाचन संबंधी समस्याओं जैसे दस्त लगना पेट में गैस बनना आदि होने पर एक गिलास पानी में 10 15 तुलसी की पत्तियों को डालकर उबाल लें और काढ़ा बना लें इसमें चुटकी भर सेंधा नमक डालकर पिए।
3 बुखार आने पर-दो कप पानी में एक चम्मच तुलसी की पत्तियों का पेस्ट और एक चम्मच इलायची पाउडर मिलाकर उबालें और काढ़ा बना लें 1 दिन में दो से तीन बार यह काढ़ा पिए स्वाद लिए चाहे तो इसमें चीनी भी मिला सकते हैं।
4 खांसी जुकाम-करीब सभी कफ सीरप बनाने में तुलसी का इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी की पत्तियां कफ साफ करने में मदद करती हैं। तुलसी की कोमल पत्तियों को थोड़ी-थोड़ी देर पर अदरक के साथ चबाने से खांसी-जुकाम से राहत मिलती है।
5 सर्दी से बचाव-बारिश या ठंड के मौसम में सर्दी से बचाव के लिए तुलसी की लगभग 10-12 पतियों को एक कप दूध में उबालकर पीएं सर्दी की दवा के साथ-साथ यह एक न्यूट्रिटिव ड्रिंक के रूप में भी काम करता है। सर्दी जुखाम होने पर तुलसी की पत्तियों की चाय उबालकर पीने से राहत मिलती है। तुलसी का अर्क तेज बुखार को कम करने में भी कारगर साबित होता है।
 श्वास की समस्या-श्वास संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी काफी उपयोगी साबित होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोकाइटिश, दमा, कफ, और सर्दी में राहत दिलाता है। नमक लोंग और तुलसी के पत्तों से बनाया गया काढ़ा इंफ्लुएंजाइम (एक तरह का बुखार) में फौरन राहत देता है।
 तनाव-तुलसी की पत्तियों में तनाव रोधीगुण भी पाए जाते हैं। तनाव को खुद से दूर रखने के लिए कोई भी व्यक्ति तुलसी के 10 पत्तों का रोज दो बार सेवन कर सकता है।

11 मुंह का संक्रमण-अल्सर और मुंह के अन्य संक्रमण में तुलसी की पत्तिया फायदेमंद साबित होती हैं। रोजाना तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से मुंह का संक्रमण दूर हो जाता है।
 12 त्वचा रोग-दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है नैचुरोपैथी द्वारा ल्यूकोडर्मा का इलाज करने में तुलसी के पत्तों को सफलतापूर्वक इस्तेमाल किये गये है। तुलसी की ताजा पत्तियों को संक्रमित त्वचा पर रगड़े इससे इंफेक्शन ज्यादा नहीं फेल पाता।
13 मुंह की दुर्गंध-तुलसी की सूखी पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर दांत साफ करने से मुंह की दुर्गंध चली जाती है। पायरिया जैसी समस्या में भी यह कारगर साबित होती है।
14 सिर दर्द-मे तुलसी एक दवा के तौर पर काम करती है तुलसी का काढ़ा पीने से सिर के दर्द में आराम मिलता है।
15 आंखों की समस्या-आंखों की जलन में तुलसी का अर्क बहुत कारगर साबित होता है रात में रोजाना कृष्ण तुलसी के अर्क को दो बूंद आंखों में डालना चाहिए
 16 कान दर्द-तुलसी के पत्तों को सरसों के तेल में भूने और लहसुन का रस मिलाकर कान में डालने से दर्द में आराम मिलेगा।
17 चक्कर आने पर-शहद में तुलसी की पत्तियों के रस को मिलाकर चाटने से चक्कर आना बंद हो जाता है।
 18 बवासीर के लिए-तुलसी के बीज मंजरी का चूर्ण दही के साथ लेने से खूनी बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।
19 ह्रदय रोग के लिए-तुलसी खून में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाती है ऐसे में ह्रदय रोगियों के लिए यह अच्छी खासी कारगर साबित होती है।
ज्यादा जाने-तुलसी का पौधा।
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