हंता वायरस कैसे पहुंचता है हमारे शरीर में।




 चीन के ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट करके बताया कि यूननान प्रांत में हंता वायरस की वजह से एक शख्स की मौत हो गई है।

पेटागोनिया में जनवरी 2019 में हंता वायरस के कारण 9 लोगों की मौत हो गई थी तब के एक अनुमान के मुताबिक, हंता वायरस से संक्रमित लोगों के 60 मामले सामने आए थे। जिनमें 50 को क्वारंटीन रखा गया था सी डी सी की माने तो हंता वायरस में मृत्यु दर 38 फ़ीसदी होती है। और इस बीमारी का कोई स्पेसिफिक ट्रीटमेंट नहीं है।

        क्या है हंता वायरस
       अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल, (सि डी सी) के मुताबिक यह ऐसे समूह का वायरस है, जो खासतौर पर चीजों को कूतरने वाले जीवो से फैलता है। जैसे चूहे, गिलहरी और छछूंदर
     अमेरिका में इस वायरस को न्यू वर्ल्ड हंता वायरस और यूरोप व एशिया में ओल्ड वर्ल्ड हंता वायरस के नाम से जाना जाता है।
यह हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम नाम की बीमारी की वजह है हंता वायरस के कई प्रकार हैं जो रोडेंट्स की अलग-अलग प्रजातियों से फैलता है, वायरस के वाहक चूहे के यूरिन, मल और लार के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो जाते हैं।
          सी डी सी के मुताबिक यह वायरस 3 तरह से फैलता है
1 अगर वायरस का वाहक चूहा किसी इंसान को काट लें हालांकि ऐसे मामले सामने नहीं आते।
2 किसी जगह या चीज पर मौजूद चूहे का मल, मूत्र या लार के संपर्क में इंसान आता है और अपने नाक मुंह को छूता है।
3 अगर इंसान ऐसी चीज खाता है जिस पर चूहे का मल, मूत्र या लार मौजूद हो।

हंता वायरस के लक्षण
       इस वायरस की चपेट में आने के शुरुआती लक्षण थकावट, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द, चक्कर आना, सर्दी लगना और पेट की समस्याए होना है।



 कैसे संक्रमित करता है हंता वायरस
   हंता वायरस व्यक्ति के चूहे, छछूंदर या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों में होता है इस वायरस के कारण चूहों में कोई बीमारी नहीं होती लेकिन इस वायरस के कारण इंसानों की मौत हो जाती है अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक घर में चूहों की मौजूदगी इस वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ाती है।

अभी किन्हे अपनी चपेट में ले रहा है
     रिपोर्ट के मुताबिक चीन के ग्रामीण इलाकों में इस वायरस के फैलने की ज्यादा आशंका है। क्योंकि वहां चूहो की तादाद ज्यादा है इसके अलावा कैम्पर्स और हाईकर्स भी इसकी चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि वे कैम्पों में रहते हैं।
 
कोरोना से कितना ज्यादा खतरनाक है हंता वायरस
        दुनिया भर में कोरोनावायरस से 15 हजार लोगों की जान गई है इससे करीब चार लाख लोग संक्रमित हैं। कोरोना में मौत की दर 14% है और हंता वायरस में 38% है यानी हंता वायरस में मौत का खतरा कोरोना के मुकाबले 24% ज्यादा है।

कैसे पहचाने हंता वायरस
  तेज बुखार, सिर दर्द, पेट में दर्द, उल्टी, डायरिया आदि लक्षण संक्रमण का इशारा करते हैं।
            4 से 10दिन के अंदर संक्रमण की गंभीरता बढ़ती है, सांस लेने में तकलीफ होती है, फेफड़ों में पानी भरने लगता है लक्षण बरकरार रहने पर मौत भी हो सकती है चीन में भी मौत से पहले पीड़ित में ऐसे ही लक्षण नजर आए थे हंता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का वक्त लग सकता है।

चूहों की कौन सी प्रजाति हंता वायरस का वाहक है
       सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक, चूहों की 4 प्रजातियां ऐसी हैं जो हंता वायरस का वाहक है।
 इनमें सबसे अहम है अमेरिका में पाया जाने वाला डियर माउस इसके शरीर की लंबाई दो-तीन इंच होती है शरीर के मुकाबले इसकी आंख और कान बड़े होते हैं साथ ही शरीर पर बाल अधिक होते हैं, अन्य तीन प्रजातियों में कोटन रैंट, राइस रैंट और व्हाइट फूटेड माउस शामिल है।

बचाव के लिए चीन ने क्या कदम उठाए।
       सी डी सी ने बताया कि शुरुआती तौर पर हमने केवल चूहों की तादाद को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं क्योंकि इस वायरस के फैलने की जड़ चूहे ही है। चूहों से संक्रमित एरिया की सफाई करते समय चूहों के मल-मूत्र, लार और घोसले के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

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