जावित्री के फायदे व नुकसान




जावित्री क्या है ?
आखिर जावित्री क्या है हम आपको बता दें कि जायफल और जावित्री एक ही मिरिस्टिका फ्रग्रैंस ( myristica fragrans) नामक पेड़ से मिलते हैं। हालांकि कई बार लोग जायफल और जावित्री दोनों को एक ही समझ लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, जायफल इस पेड़ का बीज होता है, और इसे ढकने वाली रेशेदार परत को जावित्री कहा जाता है।
 जावित्री का वानस्पतिक नाम मिरिस्टिका फ्रेग्रैंस
 अंग्रेजी नाम (mace) है।
हिंदी नाम जायफल


 अन्य मसालों की तरह यह भी लगभग हर घर की रसोई में पाया जाता है यह मसाला हल्के पीले नारंगी या सुनहरे रंग का होता है, यह न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि कई वर्षों से औषधीय गुणों के कारण भी इसका उपयोग किया जा रहा है।

जावित्री के फायदे

1 भूख बढ़ाए
अगर आपको भूख कम लगती है या फिर नहीं लगती तो दमित्री का सेवन जरूर करें। यह आपकी भूख बढ़ाती है, इसमें मौजूद जिंक आपकी भूख बढ़ाने में मदद करता है। और जिन लोगों का किसी कारण से वजन नहीं बढ़ता उन्हें भी फायदा मिलता है।

2 रक्त संचार के लिए अच्छा काम करती है।
आपके शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद मैंगनीज शरीर के अवांछित विषैले तत्वों को बाहर करता है और रक्त संचार को ठीक करता है।

3 पाचनतंत्र को बेहतर बनाती है।
फाइबर से भरपूर होने के कारण यह मसाला आपके पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है। यह पेट फूलना कब्ज, गैस आदि की समस्याओं को दूर कर आपके पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में सहायक है।

4 किडनी को सुरक्षित करती है।
किडनी की सेहत के लिए जावित्री का सेवन बेहद फायदेमंद होता है यह किडनी स्टोन को बनने से तो रोकता ही है, बल्कि किडनी में पहले से मौजूद स्टोन को भी गलाने में मदद करता है। इसमें मौजूद मिनरल्स, मैग्नीशियम और कैल्शियम इसमें मदद करते हैं और किडनी को इंफेक्शन से बचाते हैं।

5 दांतो के लिए
दांतों को स्वस्थ बनाने के लिए जावित्री का उपयोग बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके साथ आप अपने मुंह की बदबू के उपचार के लिए भी इसका उपयोग कर सकते हैं। जावित्री के फायदे सभी प्रकार की दंत समस्याओं को दूर करने में मदद करता हैं। जावित्री मसाला दांतों और मसूड़ों के दर्द को दूर करने का प्राकृतिक उपाय है और बहुत से दंत मंजनों में इसका उपयोग किया जाता है।

6 तनाव को दूर करने में जावित्री का अच्छा उपयोग
तनाव एक ऐसी स्थिति है जिससे सभी लोग ग्रसित होते हैं और यह आपको शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन आप इस तनावको दूर करने के लिए जावित्री का उपयोग कर सकते हैं। यह आपके तनाव और चिंता को समाप्त कर आपको शांति और आनंदित महसूस करने में मदद करती है यह आपको मानसिक थकावट से राहत दिलाने में मदद करती है इसके साथ-साथ यह आपकी मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने में भी मदद करती है।

7 सर्दी-खांसी से बचाने में जावित्री के फायदे
इस मसाले का सेवन करने का एक और फायदा है कि यह सर्दी और खांसी से आपकी रक्षा करता है। इस मसाले का सेवन करने से यह फ्लू और वायरल बीमारियों से आपको बचाता है, इस मसाले में मौजूद गुणों के कारण यह आपके मस्तिष्क, अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं का उपचार करने में मदद करता है।

8 गठिया के लिए जावित्री पाउडर का उपयोग
यह मसाला सूजन को कम करने वाले गुणों के लिए भी अच्छी तरह से जाना जाता है। यह जोड़ों के दर्द और अन्य सूजन वाली समस्याओं का इलाज करता है। इतना ही नहीं यह गठिया और लंबागों जैसे रोगों के इलाज के लिए भी प्रभावी माना जाता है।
 भारतीय परंपरागत चिकित्सा में भी इस मसाले का इस्तेमाल किया जाता है इसमें एंटीफंगल, तनाव को कम करने वाले कामोद्दीपक और पाचन गुण होते हैं, जो आपके जीवन को सरल और आसान बनाने के लिए जाने जाते हैं।


                   जावित्री का उपयोग।

अगर जावित्री के फायदों को जल्दी और अच्छे तरीके से शरीर में अवशोषित करना चाहते हैं तो इसका सही तरीके से उपयोग करना भी आवश्यक है, नीचे बताए अनुसार कर सकते हैं।

• जावित्री से आप मिठाई, पुडिंग, मफिन, केक और विभिन्न प्रकार के ब्रेड बना सकते हैं।
• आप इसे मसाला चाय, मसाला दूध बनाने के लिए उपयोग कर सकते हैं।
• आप इसका उपयोग सूप, उबले हुए आलू और चावल के साथ भी कर सकते हैं।
• जावित्री मसाले का उपयोग खाना, अचार और सॉस बनाने में किया जा सकता है।
• जावित्री का इस्तेमाल तरह-तरह की सब्जी बनाने में भी किया जा सकता है।

                        जावित्री के नुकसान

1 स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसके सेवन से बचें।
2 गर्भवती महिलाएं जावित्री के सेवन से बचें अगर सेवन करना भी चाहती है, तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
3 अगर आपको जल्दी किसी चीज से एलर्जी होती है। और आप पहली बार जावित्री का सेवन कर रहे हैं। तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से पूछ ले।




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