दालचीनी के फायदे व नुकसान।



दालचीनी को कौन नहीं जानता भारत में अक्सर अपनी रसोइयों में सभी लोगों के यहां उपलब्ध हो जाती है।
 यह एक छोटा सदाबहार पेड़ है जो कि 10 से 15 मीटर ऊंचा होता है यह लौरेसिई (Louraceae) परिवार का है। यह श्रीलंका एवं दक्षिण भारत में ज्यादातर पाया जाता है। इसकी छाल मसाले की तरह प्रयोग होती है इसमें एक अलग ही सुगंध होती है जो इसे गर्म मसालों की श्रेणी में रखा जाता है।

वैज्ञानिक नाम= Cinnamomum zeylanicum
हिंदी नाम= दालचीनी (सीनामोमूम)
संस्कृत नाम= त्वाक
       दालचीनी दो प्रकार की होती है मोटी तथा पतली
यह लघु, उष्ण, तीखी, मधुर, कटी, रुक्ष और पित्तकारक होती है। यह बलगम, गैस, खुजली, अपक्व रस और अरुचिकानाशक एवं दिल के रोग, मुत्राशय के रोग, बवासीर, पेट के कीड़े मिटाने वाली तथा वीर्य बढ़ाने वाली होती है।

 दालचीनी के पेड़ मालाबार आदि प्रदेशों में ज्यादा होते हैं। पत्तों को सूंघने से लौंग जैसी खुशबू आती है। इसका फूल गुलाब के फूल के समान महकता है। इसके फल करौंदे के जैसे होते हैं। इनमें से तेल निकाला जाता है, इसके फूलों का इत्र (परफ्यूम) भी बनाया जाता है।

1 अपच, गैस, पेट दर्द और एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी दालचीनी का पाउडर लेने से आराम मिलता है। इससे उल्टी-दस्त की समस्या में भी लाभ होता है, और भोजन का पाचन भी बेहतर होता है, शहद और दालचीनी के पाउडर का मिश्रण लेने से पेट का अल्सर जड़ से ठीक हो जाता है।

2 गर्मी के कारण होने वाले सिरदर्द में दालचीनी और तेज पत्ते को मिश्री के साथ चावल के पानी में पीसकर सूंघने से सिर दर्द दूर हो जाता है।
इसके अलावा दालचीनी के तेल की कुछ बूंदे तिल के तेल में मिलाकर सिर पर मालिश करने से भी सिर दर्द ठीक हो जाता है।

3 दालचीनी को पानी में रगड़कर कनपटी पर गर्म लेप करने से भी आराम मिलता है, नियमित रूप से शहद और दालचीनी का सेवन करने से तनाव से राहत मिलती है, साथ ही स्मरणशक्ति भी बढ़ती है।

4 त्वचा और बालों के सौंदर्य में भी दालचीनी पीछे नहीं है।
 यह त्वचा को निखारने के साथ ही झुर्रियों को भी कम करती है दालचीनी पाउडर नींबू के रस में मिलाकर लगाने से मुंहासे व ब्लैक हेड्स दूर होते हैं।
 एक नींबू के रस में 2 बड़े चम्मच जैतून का तेल, 1 कप चीनी, आधा कप दूध, दो चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर 5 मिनट के लिए शरीर पर लगाएं इसके बाद नहा लें त्वचा खिल उठेगी।
 शहद और दालचीनी के पेस्ट को रात को सोते वक्त चेहरे पर लगाएं और सुबह गरम पानी से धो लें इससे चेहरा कांतिमय हो जाता है।

5  गंजेपन या बालों के गिरने की समस्या के लिए गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाकर इसे सिर में लगाएं और 15 मिनट बाद धो लें

6 दालचीनी और शहद के मिश्रण का सेवन कान के रोगों को भी समाप्त करता है, और बहरेपन की समस्या को भी समाप्त करता है, दालचीनी के तेल की कुछ बूंदे कान में डालने से लाभ मिलता है। अस्थमा और लकवा लगने पर भी यह बेहद फायदेमंद होता है।

7 दालचीनी के तेल का प्रयोग दर्द, घाव और सूजन को समाप्त करने के लिए भी किया जाता है। यह त्वचा की खुजली को भी समाप्त करने के साथ दांतो के दर्द में भी राहत देता है। मुंह से बदबू आने की समस्या में दालचीनी को मुंह में रखकर चूसना बहुत लाभदायक होता है।

8 सर्दी-खांसी या गले की तकलीफों में दालचीनी बेहद असरकारक दवा के रूप में काम करती है। इसे पीसकर एक चम्मच शहद के साथ एक चुटकी मात्रा में खाने से जुकाम में लाभ मिलता है, आप गर्म या गुनगुने पानी में दालचीनी के पाउडर को शहद के साथ मिलाकर पी सकते हैं, दालचीनी के पाउडर को पिसी हुई कालीमिर्च के साथ सेवन करने से भी राहत मिलती है, इससे पुराने कफ में भी राहत मिलेगी।

9 दालचीनी का प्रयोग कैंसर जैसे रोगों पर नियंत्रण पाने में सक्षम है, वैज्ञानिकों ने आमाशय के कैंसर और हड्डी के बढ़ जाने की स्थिति में दालचीनी और शहद को लाभदायक बताया है। एक माह तक गर्म पानी में दालचीनी पाउडर और शहद का सेवन इसके लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे शरीर की बीमारियों से लड़ सकें।

10 ह्रदय को स्वस्थ बनाए रखने और ह्रदय रोगों पर नियंत्रण रखने में दालचीनी सहायक होती है। क्योंकि यह हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल को जमने से रोकती है। प्रतिदिन शहद और दालचीनी का गर्म पानी के साथ सेवन करें।
 आप दालचीनी और शहद के मिश्रण को रोटी के साथ भी खा सकते हैं। इसके अलावा दालचीनी को चाय में डालकर भी ले सकते हैं। इसके प्रयोग से हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती हैं।

11 मोटापे के लिए दालचीनी का सेवन एक रामबाण उपाय है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कम करती है, जिससे मोटापा नहीं बढ़ता, इसके लिए दालचीनी की चाय बहुत फायदेमंद है।
      एक चम्मच दालचीनी पाउडर को एक गिलास पानी में उबालकर आंच से उतार लें इसके बाद उसमें दो बड़े चम्मच शहद मिलाकर सुबह नाश्ता करने से आधा घंटा पहले पिए।              रात को सोने से पहले भी इसका सेवन करने से दुगना फायदा मिलता है। और अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है।

12 दर्द होने पर दालचीनी का प्रयोग आपको राहत देता है। इसके लिए प्रतिदिन दालचीनी का गर्म पानी में सेवन करना तो लाभप्रद है ही, इसके अलावा इस हलके गर्म पानी की दर्द वाले स्थान पर मालिश करने से भी जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। 
       इसके पानी को पीने से 1 सप्ताह में संधिवात के दर्द से राहत मिलती है, और 1 महीने तक इसका सेवन करने से चलने फिरने में असमर्थ लोग भी चलने में सक्षम हो जाते हैं। आर्थाइटिस के दर्द में भी दालचीनी काफी फायदेमंद साबित होती है।

13 दालचीनी की चाय आयु बढ़ाने में काफी कारगर है। इसके लिए आपको 3 कप पानी, में  1 चम्मच दालचीनी पाउडर और 4 चम्मच शहद मिलाएं और इसे रोज तीन बार आधा-आधा कप पिएं। इस तरह की बनी चाय त्वचा को सोफ्ट और फ्रेश रखने में मदद करती है।

14 बालों के लिए
1 चम्मच दालचीनी पाउडर, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच जैतून का तेल और दो चम्मच शैंपू मिलाकर पेस्ट बना ले और इसे बालों पर लगाकर 20 मिनट तक रखें इसके बाद इसे धो लें और बालों को सुखा लें।

15 दालचीनी को दूध के साथ मिलाकर आप एक स्वादिष्ट पेय बना सकते हैं, इस पेय को पीने के कई सारे फायदे मिलते है।
 अनिद्रा को दूर करता है, और अन्य फायदे भी मिलते हैं।
शहद और दालचीनी का मिश्रण वजन घटाने, मुंहासे, मुत्राशय में संक्रमण, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, अपच और बुरी सांस जैसी कई परेशानियों को ठीक कर सकता है।

                     दालचीनी के नुकसान
हालांकि दालचीनी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। लेकिन साथ ही इसके अधिक सेवन से आपको लाभ मिले या ना मिले परंतु इसके साइड इफेक्ट का सामना भी करना पड़ सकता है इसलिए आपको अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।

1 स्तनपान करा रही महिलाओं को दालचीनी का प्रयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

2 दालचीनी का अधिक मात्रा में उपयोग नुकसानदायक हो सकता है, और आपके लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है, दालचीनी (विशेष रूप से उसका तेल) समय से पहले दर्द उत्पन्न कर सकता है, या फिर गर्भाशय को भी छोटा कर सकता है।

3 कुछ लोगों को दालचीनी से एलर्जी भी हो सकती है। भले ही उन्होंने इसका सेवन पहले बिना किसी साइड इफेक्ट के किया हो।
 दालचीनी के लाभ तो बहुत हैं। परंतु आपको उपरोक्त बताई गई सावधानियों को भी नहीं भूलना चाहिए अतः इसके उपयोग से पहले इसके लाभ-हानि को अच्छे से समझ लेना चाहिए और इसका सेवन उचित मात्रा में ही करें।

Previous
Next Post »