औषधीय गुणों से भरपूर है, तेजपत्ता जान ले इसके गुण।



तेज पत्ता  (Bay leaf)

तेज पत्ता ताजा या सूखे तेज पत्तों को उनके विशिष्ट स्वाद और खुशबू के लिए खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। ताजा पत्ते बहुत मंद होते हैं, और तोड़े जाने और कई हफ्तों तक सुखाये जाने तक वे अपना पूरा स्वाद विकसित नहीं कर पाते हैं।

[इसे अंग्रेजी में- Bay leaf कहते हैं।
 हिंदी में- तेज पत्ता तेजपत
 संस्कृत में- तेजपत्र तमालपत्र
लैटिन भाषा में- Cinna momum tejpata]


अगर साबुत खाया जाए तो तेज पत्ते स्वाद में तेज कड़वा होता है। जैसा कि कई मसालों और स्वाद में वृद्धि करने वाले सामग्रियों के साथ होता है, तेज पत्ते की सुगंध उसके स्वाद से अधिक उल्लेखनीय है। सुखाए जाने पर इसकी खुशबू जड़ी बूटी जैसी थोड़ी सी पुष्प जैसी और कुछ हद तक अजवाइन के पत्तें जैसी होती है।
 माइक्रीन जो कई सुगंधित तेलों का घटक है जिनका इस्तेमाल परफ्यूम बनाने में किया जाता है, उसे तेज पत्ते से निकाला जा सकता है। तेज पत्ते में सुगंधित तेल यूजेनोल भी शामिल है।

1 सर्दी-जुकाम
     यदि आपको सर्दी-जुखाम हुआ है, तो तेज पत्र के तीन चार पत्ते कूट कर उसमें तुलसी की एक दो पत्तियां डाल दीजिए और उबालकर पी लीजिए। इससे सर्दी-जुकाम कफ, खांसी, एलर्जी  जैसी किसी भी तरह की परेशानी है तो आपको लाभ मिलेगा

2 सिर दर्द में
अगर आप भयानक सिर दर्द से परेशान हैं तो तेज पत्ते को उबालकर काढ़ा बनाकर प्रयोग करें इससे आराम मिलेगा।
 इन पत्तियों को पीसकर माथे पर इसका लेप करने से भी सिर दर्द की परेशानी दूर होती हैं।

3 सिरके बालों और जुओं के लिए
सिर के जूओं के लिए तेज पत्ते का प्रयोग रामबाण है।
 लगभग 50 ग्राम तेज पत्ते को 400 ग्राम पानी में उबालें और जब पानी 100 ग्राम रह जाए तब उसे छानकर बालों में लगा ले और 3-4 घंटे बाद बालों को अच्छी तरह से धो लें इससे जुएं निकल जाएंगी।
 यदि तेज पत्ते के साथ भृंगराज डालकर उबालते हैं तो इससे बाल काले घने व सुंदर हो जाएंगे।

4 दमा व श्वास के लिए
यदि आप दमा, श्वास व कफ जैसे रोगों से परेशान हैं तो 5 ग्राम तेजपत्ता, 2 ग्राम मुलेठी, 1 ग्राम पिपलि या सोंठ को 200 ग्राम पानी में उबालें जब पानी एक चौथाई बचे तब उसे छानकर पी जाएं, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और स्वांस, कफ जैसी बीमारियों से मुक्ति मिलेगी।

5 गर्भाशय की समस्या में
बच्चे के जन्म के बाद जिन महिलाओं को गर्भाशय में परेशानी हो या संक्रमण की शिकायत हो, वे यदि तेज पत्ते की छाल, तेज पता, अजवाइन व थोड़ी सौंठ को उबालकर प्रातः-सायं नियमित रूप से सेवन करती है तो इससे गर्भाशय की परेशानी दूर होगी और गर्भाशय का संक्रमण भी खत्म होगा।

6 अफारे व अपच के लिए
पेट के अफारे, अपच व पेट फूलने जैसी रोगों की शिकायत होने पर 5 ग्राम तेजपत्ता और थोड़ी सी अदरक को उबाल कर काढ़ा बना लें। कांढ़े को सुबह-श्याम शहद के साथ पीने से लाभ मिलेगा शहद उपलब्ध नहीं है थोड़ी सी शक्कर मिक्स कर सकते हैं मगर शहद बेहतर रहेगा।

7 वायु गोले के लिए
आपके पेट में अफारा हो या वायु गोले बनते हो तो सुबह उठकर के इस तेज पत्ते को उबाल लें, उसमें थोड़ा सेंधा नमक डालकर सुबह गरम-गरम इस पानी को पीते हैं तो जो पेट का वायु गोला है वह ठीक हो जाएगा।

8 किडनी व पथरी के रोगों के लिए
यदि आपको किडनी की समस्या है या संक्रमण व पथरी की शिकायत है, तो तेज पत्ते का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से सेवन करें इससे पथरी बनने जैसी व्याधि से मुक्ति मिल जाएगी और अन्य शिकायतें भी दूर होंगी।

9 ह्रदय रोग के लिए
अगर आप ह्रदय रोग से पीड़ित हैं, घबराहट बेचैनी रहती है तो 3 ग्राम तेज पत्र व 3-4 ग्राम देसी गुलाब के फूल को 300 ग्राम पानी में उबालें जब पानी एक चौथाई बचे तब उसे छानकर पीएं इससे आपको लाभ मिलेगा।
 जिनको एंजाइना की शिकायत है वह यदि इसमें 2 लौंग डालकर सेवन करते हैं तो उन्हें लाभ मिलता है।

10 खांसी के लिए
सूखी पत्तियों का पाउडर बनाकर 1-2 ग्राम प्रातः-सांय शहद के साथ प्रयोग करने से खांसी में आराम मिलेगा।
 तेजपत्ता खांसी के लिए बहुत ही उत्तम औषधि है।

11 जीने की शिकायत के लिए
अगर आपको बार बार छींक आती है, बंद नहीं होती। उसके लिए तेज पत्ते को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। उस काढ़े को नियमित रूप से सेवन करें, इससे छींकने की शिकायत दूर हो जाएगी।

12 अच्छी नींद के लिए
अगर आपको तेज पत्ते का कहीं से भी तेल मिल जाए। तो आप तेल की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है।
 इसके अलावा अगर तेज सिर दर्द हो रहा हो तो भी इसके तेल से मसाज करने से आराम मिलता है।

अन्य फायदे
अगर आपके घर का वातावरण अशुद्ध रहता है। या नकारात्मक उर्जा का वास है। तो एक तेजपत्ता जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर चली जाती हैं। और सकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाता है, रोज अपने घर में सुबह-श्याम तेज पत्र जलाना शुरू कर दे, इसका धुआं हमारे शरीर में जाने से भी अनेकों फायदे मिलते हैं।

तेज पत्ते से होने वाले नुकसान
1 तेज पत्ते का तेल संवेदनशील त्वचा पर एलर्जी का कारण बन सकता है।
2 इसका अधिक सेवन करने से डायरिया या उल्टी की समस्या हो सकती है।
3 गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

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