प्रकृति क्या है समझने की कोशिश करें।




चीन में अब हंता वायरस का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है कोरोना वायरस की मार से जूझ रहे चीन के यूनान प्रांत में सोमवार को हंता वायरस से मौत की खबर सामने आई है।

इन हालातों को देखते हुए हमें एक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ है जो आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं कृपया कर इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें आपको पसंद आए तो ग्रहण करें, नहीं पसंद आए तो कोई बात नहीं लेकिन एक बार जरूर पढ़ें।

और एक बात हम आपको पहले ही स्पष्ट कर देना चाहते हैं, जिससे आपको पोस्ट समझने में दिक्कत ना हो
  कभी-कभी आपने एहसास किया होगा,
या उन बातों को नोट किया होगा जो आपके साथ हो चुकी होगी या हो गया होगा ।
    वह यह है, कि आप जब किसी छोटे को डांटते हो या किसी कमजोर व्यक्ति को कुछ बोलते या डराते हो आप को बहुत बड़ा सुकून मिलता होगा बस दोस्तों हम यही समझाना चाहते हैं।
   जब आपने उसे डांटा वह कमजोर बना कमजोर बनने से उसकी ऊर्जा डांटने वाले के पास आ जाती है ठीक इसी तरह है हम किसी जानवर को मारते हैं तो लाजमी है कि उसकी ऊर्जा हमारे पास जरूर पहुंचती होगी इसी को मद्देनजर रखते हुए हमने यह पोस्ट तैयार किया है।

यही प्रकृति है आप समझने की कोशिश कीजिए।

    हमें दृष्टिकोण मिला है, जो लोग ज्यादा  बुरे कर्म करते हैं उनका अन्य लोगों से ज्यादा माइंड पावर होता है, या जो परमात्मा की साधना करते हैं उनको मिलता है।
            नोट-आप माइंड पावर बढ़ाने के लिए बुरे कर्म ना करें पोस्ट को पूरा पढ़ें।

    अब बात आती है चीन की, अन्य देशों से ज्यादा घिनोने कार्य चीन करता है, यानी सबसे ज्यादा प्रकृति के खिलाफ जाने वाला देश है चीन नतीजा आपके सामने है।
     चीन से ही तरह तरह के वायरस निकल कर सामने आ रहे हैं प्रकृति अपना हिसाब कब करेगी यह हम इंसानों के बस में नहीं है।
       उदाहरण
           जैसे आपने किसी पेड़ पौधे या अन्य बीज बोया या तो वह बीज लग जाएगा या मिट्टी में मिल जाएगा आपने फिर से बीज बोया और वह लग गया।
       हमारा कहने का तात्पर्य है कि आप एक दो बार बूरे कार्य कर दिए गलती से या जानबूझकर पता नहीं कुछ ना हो।                         लेकिन आप लोग बुरे कामों में ही लगे रहे तो इसकी कीमत चुकानी ही पड़ेगी।
    यहां सृष्टि प्रकृति हमारी नहीं है, हम यहां मेहमान की तरह है यह समझे किराए के मकान में रहते हैं। हां अगर हम सृष्टि के अधीन है तो सृष्टि हमारा साथ देगी अन्यथा हम को इसकी कीमत चुकानी ही पड़ेगी आप चाहे किसी भी परमात्मा के पास जाओ हमें बख्शा नहीं जाएगा।
       इसलिए हमेशा अपने कर्म अच्छे रखो और प्रकृति के नियमों का पालन करो।
       किसी भी जीव को मारने की इजाजत हमें प्रकृति नहीं देती और हम हैं कि किसी भी जानवर को खा रहे हैं, ऐसे में क्या हमें प्रकृति माफ करेगी किसी की संतान को खाओगे तो आपको पता है क्या होता है।
       इसलिए मैंने पिछले पोस्ट में बताया था कि हमेशा सात्विकक्रम करें और मांसाहार को छोड़ दें अपनी जीभ के स्वाद में अंधे लोग क्या-क्या खा रहे हैं, उन्हें यह नहीं पता कि इसका परिणाम क्या होगा अगर किसी भाई को प्रकृति के बारे में नहीं मालूम था तो वह कृपया करें इस पोस्ट को पढ़ने के बाद प्रकृति के साथ आने की चेष्टा करें और अपने परमात्मा (अदृश्य शक्ति) से प्रार्थना करें कि हमें माफ कर दे हम आगे से आपकी सृष्टि की हानि नहीं करेंगे। आप हमें बुद्धि दे ताकि हम हमारी रक्षा करें और सृष्टि की रक्षा भी करते रहें।

        साथ ही साफ सफाई का ध्यान रखें हर जीव जंतु से प्यार करें यह न सोचें कि इसे मार कर खा लूं इंसान को मांस खाना सृष्टि में नहीं है सोचे ही नहीं।

    हमारें दृष्टिकोण से जो लोग कुकर्म करते हैं उनका दिमाग एक बार ज्यादा कार्य करता है क्योंकि वह सृष्टि से अलग हो जाते हैं जब अलग होता है तब उसे बहुत आनंद मिलता है मगर परिणाम जहर जैसा निकलता है।
         जब परिणाम आता है तो बहुत सारे कांटो का सामना करना पड़ता है जो लोग सृष्टि के खिलाफ गए उसे तो सृष्टि की सजा मिलेगी ही साथ में औरों को भी भोगना पड़ सकता है। परिणाम आपके सामने है। कोरोना वायरस, हंता वायरस आदि

             यह पोस्ट पढ़कर आपको बुरा लगा हो तो हमें क्षमा करें। अगर आपको अच्छा ना लगा हो तो आप हमारी बातों पर गौर ना करें।
              हमें यह दृष्टिकोण पहले ही प्राप्त था मगर हमने इसे सार्वजनिक नहीं किया क्योंकि किसी को बुरा भी लग सकता है। मगर हालात देखते हुए हमने यह पोस्ट सार्वजनिक करना पड़ा आपकी भावनाओं की हम कदर करते हैं, आपकी भावनाओं से खिलवाड़ करने की हमारी सोच नहीं है। हमारा किसी भाई को ठेस पहुंचाने का कोई मकसद नहीं है।
ना ही किसी देश, जाति किसी को भी ठेस पहुंचाने का मकसद नहीं।
      हमने इस पोस्ट के जरिए सृष्टि के खिलाफ न जाने के बारे में बताया है, आपको अच्छा लगा तो ग्रहण कर सकते हैं, नहीं अच्छा लगा तो कोई बात नहीं है।
  मेरा नाम ओमप्रकाश शर्मा है, अगर पोस्ट पसंद आया तो कृपया कर इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब करें ताकि आपको हर पोस्ट की नोटिफिकेशन और नई नई जानकारियां मिलती रहे। धन्यवाद

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