संदेश

दिसंबर 12, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गीतासार

चित्र
 अष्टांङ्गयोगयुक्त और वेदान्तपारङ्गत मनुष्योंके लिए आत्म-कल्याण संभव है। आत्म-कल्याण ही परम कल्याण है, उस आत्मज्ञानसे उत्कृष्ट और कुछ भी लाभ नहीं है।  आत्मा देहरहित, रूप आदिसे हीन, इंद्रियोंसे अतीत है। मैं आत्मा हूँ, संसारादि सम्बन्धके कारण मुझे किसी प्रकारका दु:ख नहीं है।  धूमरहित प्रज्वलित अग्निशिखा जैसे प्रकाश प्राप्त करती है, वैसे ही आत्मा स्वयं प्रदीप्त रहता है। जैसे आकाशमें विद्युत्-अग्निका प्रकाश होता है, वैसे ही ह्रदयमें आत्माके द्वारा आत्मा प्रकाशित होता है। श्रोत्र आदि इंद्रियोंको किसी प्रकारका ज्ञान नहीं है। वे स्वयंको भी नहीं जान सकती हैं, परंतु सर्वज्ञ, सर्वदर्शी क्षेत्रज्ञ आत्मा ही इंद्रियोंका दर्शन करता है। जब आत्मा उज्जवल प्रदीपके समान ह्रदयपटलपर प्रकाशित होता है, तब पुरुषोंका पापकर्म नष्ट हो जाता है और ज्ञान उत्पन्न हो जाता है। जैसे दर्पणमें दृष्टि डालनेपर अपने द्वारा अपनेको देख सकते हैं, वैसे ही आत्मामें दृष्टि करनेपर इंद्रियोंको, इंद्रियोंके विषयोंको तथा पंञ्चमहाभूतोंका दर्शन किया जा सकता है।  मन, बुद्धि, अहंकार और अव्यक्त पुरुष-इन सभीके ज्ञानके द्वारा सं

Phone ko rocket ki tarh chalana hai to jarur dekhen

चित्र

फोन की इंटरनेट स्पीड बढ़ाने के लिए यह सेटिंग जरूर करें।

चित्र
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम ओमप्रकाश शर्मा है दोस्तों में आज आपको ऐसी फोन सेटिंग बताऊंगा जिससे आपका फोन अच्छी तरह से चलने लगेगा आपका इंटरनेट स्पीड पकड़ लेगा।  उसके लिए सबसे पहले दोस्तों आपको अपना मोबाइल डाटा ऑफ कर देना है मोबाइल डाटा ऑफ करने के बाद दोस्तो आपको सेटिंग में जाना है सेटिंग में ऊपर सर्च बार में लिखना है रीसेट नेटवर्क सेटिंग (reset network setting)  सेटिंग लिखने के बाद आपको नेटवर्क सेटिंग में क्लिक करना है।      यहां आपको पासवर्ड डालने के लिए बोलेगा जो फोन अनलॉक करते हो वही पासवर्ड डालना है।  नेटवर्क सेटिंग में जाने के बाद आपको रीसेट बटन दिखाई देगा हरे बटन में क्लिक कर देना है।              फिर रीसेट बटन आएगा हरा डिब्बा उसको क्लिक कर दीजिए थोड़ी देर के लिए आपका फोन रिसेट होगा और फोन स्विच ऑफ हो जाएगा ऑटोमेटिक ऑन हो जाएगा। ऑन होने के बाद दोस्तो आपको फिर सेटिंग में जाना है सेटिंग में जाने के बाद आपको डाटा यूज़ (data usage) में क्लिक करना है। उसके बाद data sever  को अगर ऑन है तो उसको ऑफ रखना है। क्योंकि इससे आपका फालतू का डाटा आपके फोन में सेव नहीं होगा जिससे आपका फोन स

धर्मसार-कर्म फल

चित्र
अब मैं सभी पापों का विनाश करने वाले तथा भोग और मोक्ष प्रदान करने वाले अतिशय सूक्ष्म धर्मसार को संक्षेपमें कहता हूं, आप सुने।      शौक शास्त्रीय ज्ञान, धर्म, बल, धेर्य, सुख और उत्साह- इन सबका हरण कर लेता है। अर्थात् शोकके प्रभावसे सभी सात्विक वृत्तियाँ विनष्ट हो जाती हैं। इसलिए सर्वतोभावसे शोकका परित्याग करना चाहिये।    कर्म ही दारा (स्त्री) है, कर्म ही लोक है, कर्म ही संबंधी है, कर्म ही बांधव है। (अर्थात् स्त्री, लोक, संबंधी एवं बांधव आदि कर्मके अनुसार ही मिलते हैं।)  कर्म ही सुख-दु:खका मूल कारण है। (अतः उत्तम कर्म करनेके लिए सदा सावधान रहना चाहिये।) दान ही परमधर्म है। दानसे ही पुरुषको सभी अभीष्ट प्राप्त होते हैं। दान ही पुरुषको स्वर्ग और राज्य प्रदान करता है। इसलिए मनुष्यको दान अवश्य करना चाहिये-       दानमेव परो धर्मों दानात्सर्वमवाप्यते।     दानात्स्वर्गश्च राज्यं च दद्याद्दानं तो नरः।।(२२१।४)  विधिपूर्वक प्रशस्त दक्षिणाके साथ दान तथा भयभीत प्राणीकी प्राणरक्षा- ये दोनों समान हैं। यथाविधि तपस्या, ब्रह्मचर्य, विविध यज्ञ एवं स्नानमें जो पुण्य प्राप्त होता है, वही पुण्य भयभ