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कल्पना जागृति क्या है ? इसे कैसे करें।

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जागृति पूर्वक विज्यूलाइजेशन।       नकारात्मक चित्रों के नागपाश से छूटने का निर्णय करना आंतरिक क्रांति की तरफ उठाया गया पहला कदम है और जो परिस्थिति विज्यूलाइजेशन करने का निर्णय आपके  लोगों को बदलने की तैयारी और संकेत करता है। क्या आप अपने लोगों को बदलने को तैयार हो तो मानसिक चित्रों को बदलने का काम शुरू कर दो जागृति पूर्वक विजुलाइजेशन शुरू कर दो किंतु इसके पहले नीचे दर्शाए गए 5 नियमों को हमेशा के लिए अपने मन में अच्छी तरह से उतार ले 1 मेरा अर्धजागृत मन सर्वशक्तिमान है। 2 इसको मिलने वाले तमाम चित्रों को यह स्वीकार करता है। 3 इन सभी चित्रों को वह सत्य मानता है। 4 यह जिन चित्रों को सत्य मानता है वैसे ही संजोग का निर्माण करता है। 5 मेरे अर्धजाग्रत मन को चित्र भेजने का अधिकार केवल मेरे हाथ में है।  जागृतिपूर्वक विज्यूलाइजेशन करने से              जैसे चाहोगे वैसे ही संजोगो का निर्माण होता है। अपने सुख-दुख का रिमोट कंट्रोल अपने ही हाथ में रहता है।  मैं आजाद हूं ऐसी अनुभूति होती है।  समस्याओं के समाधान के लिए गलत जगह पर लगने वाले समय शक्ति और धन की बचत होती है।  ईश्वर द्वारा प

कहीं हमसे तो नहीं हो रही गलतियां (visualization)

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आपकी बात सही है। किसी को भी नकारात्मक विज्यूलाइजेशन करना अच्छा नहीं लगता। किंतु इसके बावजूद भी यह हो जाता है। अनजाने में ही सही।  हम कब अनजाने में विज्यूअलाइजेशन करते हैं ?                 हम भी अनजाने में विज्यूलाइजेशन करते हैं। क्या आपको इसकी जानकारी है ? कब ? आइए जानते हैं कि हम अपनी कई गतिविधियों या क्रियाओं के दौरान अनजाने में ही विज्यूलाइजेशन करते रहते हैं।  जब हम कोई वर्णन सुनते हैं-             कही विदेश में भ्रमण कर आए मित्र जब दुबई वर्ल्ड टावर का वर्णन करते हैं आपकी आंखें अपने मित्र को देखती रहती हैं मन में दुबई का वर्ल्ड टावर का संपूर्ण चित्र उभर जाता है यही अनजाने में हुआ विज्यूलाइजेशन है ऐसे समय में ऐसा लगता है जैसे हम स्वयं  वर्ल्ड टावर में घूम रहे हो।  जब कोई व्यक्ति स्वयं के साथ हुई किसी दुर्घटना का वर्णन करता है तो उस समय हमारे मन में भी उस सारी घटना का चित्र उभर जाता है यह अनजाने में होने वाला विज्यूलाइजेशन है। सुनने वाला व्यक्ति भी स्वयं को इस घटना के साथ काल्पनिक रूप से जोड़ लेता है।  जब कुछ याद करते हैं-            जब हम यह याद करते हैं कि मुश्किल भरे

Kahin apse to Anjane me galtiya nahin ho rahi shawdhan

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विज्यूलाइजेशन और मन, पहले मन के बारे में जाने।

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विज्यूलाइजेशन हमारे मन से बहुत नजदीक से जुड़ा है। इसलिए विज्यूलाइजेशन के विज्ञान को समझने से पहले मन को समझ ले।               मन क्या हैं? मन मस्तिष्क के उस क्षमता को कहते हैं जो मनुष्य को चिंतन शक्ति, स्मरण शक्ति, निर्णय शक्ति, बुद्धि भाव, इंद्रियगृह्यता, एकाग्रता, व्यवहार, परिज्ञान (अंतर्दृष्टि) इत्यादि में सक्षम बनाता है। सामान्य भाषा में मन शरीर का  वह हिस्सा  या प्रक्रिया है जो किसी ज्ञातव्य को ग्रहण करने सोचने और समझने का कार्य करता है। यह मस्तिष्क का  एक  प्रकार्य  है।  हमारा  मन हमारी  सबसे बड़ी अदृश्य शक्ति है। विज्ञान की भाषा में कहें तो ऊर्जा वैज्ञानिकों ने मन की काम करने की आवश्यकताओं के अनुरूप मन के दो प्रकार बताएं हैं। हम जब जागते हैं उस समय जो मन काम करता है उसे जागृत मन और जो मन 24 घंटे काम करता है उसे अर्धजागृत मन कहते हैं।  जागृत मन-हम अपने सभी बौद्धिक काम जागृत मन से करते हैं। जागृत मन निर्णायक मन है। यह पसंद और नापसंद करता है, तर्क करता है, सवाल करता है। हमेशा ऊधेड़-बुन में व्यस्त रहता है।  अर्धजागृत मन-हमारी सभी आदतों का मूल कारण हमारा अर्धजागृत मन है। अर्