इंसान को मांस खाना चाहिए या नहीं।



हमें मांस खाना चाहिए या नहीं ?
कहीं हम परमात्मा और  प्रकृति से अलग तो नहीं जा रहे हैं ?

  इसी के ऊपर विचार करते हुए हम आज यह जानेंगे कि इंसान को मांस खाना चाहिए या नहीं  तो आइए जानते हैं इस विषय में।

 कृपया पोस्ट को लास्ट तक देखें समझें और पूरा पढ़ें जिससे आपको पूरी बात समझ में आएगी।

 दोस्तों आइए जानते हैं इंसान को मांस खाना चाहिए या नहीं

प्रकृति के हिसाब से मांसाहारी जीव जैसे
 शेर, बिल्ली, कुत्ता, भेड़िया आदी

प्रकृति के हिसाब से शाकाहारी जीव जैसे
गाय, भैंस, बकरी, घोङा आदी

परमात्मा ने मांस खाने वाले जीवो की बनावट कैसी की होगी और खाने-पीने में अंतर क्या क्या है ? आइए जानते  हैं।

1मांसाहारी जीवो के चार दांत बड़े होते हैं।

 



2 मांसाहारी जीवो के पंजे होते हैं ।







3 मांसाहारी जीव जीभ से पानी पिता है।





4 मांसाहारी जीवो की आंखें चमकीली होती हैं।




अब जानते हैं शाकाहारी जीवो में क्या क्या अंतर है ? परमात्मा ने उन्हें कैसा बनाया आइए जानते हैं।

1 शाकाहारी जीवो के सभी दांत बराबर होते हैं-जैसे



2 शाकाहारी जीवो के खुर (नाखून) होते हैं।




3 शाकाहारी जीव पहले पानी को खींचते हैं फिर घुंट-घुंट से पानी को पीते हैं।



 

4 शाकाहारी जीवो की आंखें चमकीली नहीं होती।





जब अल्लाह, भगवान, ईश्वर सब एक ही बात है उन्होंने जब अंतर बना दिया तो हम इंसान के भी मांस खाने वाले कोई गुण दिखाई नहीं देते हैं इसका मतलब इंसान को मांस खाना वर्जित है।
 हमारे बुजुर्गों ने मांस खाया होगा या नही खाया ।
      हमे नही मालूम
जब खाने के लिए कुछ नहीं मिलता था । (मरता क्या नहीं करता हमारी मां यह कहावत कहती है।) उनको अगर जान पर आ गई होगी तो उन्होंने मांस खाया होगा लेकिन इंसान को शाकाहारी बनाया है तो वह एक अड़चन के हिसाब से खा लिया लेकिन हमेशा के लिए मांस खाना इंसान के लिए वर्जित है। क्योंकि मांस खाने वाला जीभ से पानी पीता है तो क्या हम जीभ से पानी पिएंगे नहीं पी सकते।
 हमारे भी सभी दांत बराबर होते हैं, नाखून होते हैं, हम भी घूंट घूंट से पानी पीते हैं, पांव होते हैं इसका मतलब हमें मांस नहीं खाना चाहिए मांसाहारी जीभ से पानी पीते हैं, चार दांत बड़े होते हैं उनकी हर तरह से बनावटका तरीका अलग होता है।
  हम मास खाएंगे तो क्या प्रकृति हमें माफ करेगी, परमात्मा हमें माफ करेगा  जीवो को इंसान नहीं खा सकता अगर खा रहे हो तो प्रकृति और परमात्मा के खिलाफ है।

 हम नहीं कहते हैं कि आप लोग मांस मत खाओ खाओ हमने यह प्रकृति और सृष्टि की रचना के हिसाब से आपको इस पोस्ट के जरिये बताया हैं। हम यह भी नहीं कहते हैं कि आप मांस खाना छोड़ दो हम खाली प्रकृति और परमात्मा की बनावट को आपके सामने प्रस्तुत किया है।
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 मेरा नाम ओमप्रकाश शर्मा है
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                                                 धन्यवाद



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