विज्यूलाइजेशन आप से भी होता हैं ।


नमस्कार दोस्तों
 विज्यूलाइजेशन क्या है आइए जानते हैं।

कुदरत ने मनुष्य को कई अनमोल उपहार दिए हैं उन्हीं में से एक हैं विज्यूलाइजेशन।
 कल्पना उनमें से श्रेष्ठ उपहार है कल्पना करने की प्रक्रिया को कहते हैं विज्यूलाइजेशन ।
विज्यूलाइजेशन की मदद से हम अपने संजोगो का सृजन कर सकते हैं आपके वर्तमान संजोग आपने अपने अतीत में जाने अनजाने में किए हुए विजुलाइजेशन का ही परिणाम है
जो मन में बनता है वही जीवन में बनता है।
 बड़े लक्ष्य निश्चित करें और उसे विज्यूलाइजेशन की मदद से प्राप्त करें।

विज्यूलाइजेशन अर्थात् मनो चित्रण अर्थात् हो सकता है कि विज्यूलाइजेशन शब्द आपको नया लगे किंतु विज्यूलाइजेशन की प्रक्रिया से आप अनजान नहीं है। क्योकी आप प्रतिदिन विज्यूलाइजेशन करते हैं बचपन से करते आए हो ।विज्यूलाइजेशन अर्थात कल्पना विज्यूलाइजेशन अर्थात मनो चित्रण करना। किसी भी वस्तु अथवा घटना का मन में चित्र तैयार करना माने विजुलाइजेशन करना है। विज्युलाईजेशन को कल्पना करना भी कहा जाता है। अर्थात् विज्यूलाइजेशन करना माने कल्पना करना विज्यूलाइजेशन के रूप में पहचानी जाने वाली कल्पना की यह प्रक्रिया अधिकांशतः देखने को मिलती है ? अधिकतर कैसे लोग विज्यूलाइजेशन करते हैं?
आओ देखते हैं यहां प्रथम उन लोगों की बात करते हैं जिनके लिए विज्यूलाइजेशन उनके काम का मुख्य आधार है।

1 चित्रकार
विज्यूलाइजेशन चित्रकार के लिए अनिवार्य अंग है कोई भी चित्र जिसे उसकी पेंसिल बड़े कागज पर उतारती है वह पहले उसके मन में रच जाती है। कैनवास पर रंगों से जो अभिव्यक्ति होती है। वह पहले चित्रकार के मन में व्यक्त हो जाती है मन के द्वारा चित्रों को रचने बनाने की यह प्रक्रिया ही विज्यूलाइजेशन है ।
2 शिल्पकार
 शिल्पकार पहले उबड़ खाबड़ पत्थरो को देखकर  उसके मन में मूर्ति आकार लेने लगती है साथ ही मन में जो मूर्ति बन जाती है और उसके अनुसार शिल्पकार के हाथ काम करते जाते हैं। और अंत में यही पत्थर एक अद्भुत शिल्प के रूप में सामने आता है। शिल्पकार  के मन में इस मूर्ति के हाथ, पैर, सिर, सब होते हैं। शरीर में लालित्य होता है। उसमें लावण्या होता है। चेहरे के ऊपर मुस्कान होती है। आंखों में भाव होते हैं। शिल्पकार द्वारा अपने मन में मूर्ति रचने की प्रक्रिया ही विज्यूलाइजेशन है।
3 फिल्म डायरेक्टर (निर्देशक)
सिनेमा हॉल के बड़े पर्दे पर हम जिस फिल्म को देख रहे हैं वह पहले डायरेक्टर ने अपने मानस पटल पर कई बार देख ली होती है। फिल्म की शूटिंग करने के पहले डायरेक्टर अपने मन में फिल्म की प्रत्येक घटना के दृश्य तैयार कर लेता है। फिल्म कलाकार उनका अभिनय उनके संवाद आदि सब डायरेक्टर के मन में पहले ही आकार ले चुके होते हैं।
मन में यह मनोचित्रण अर्थात् विज्यूलाइजेशन है

4 ग्राफिक डिजाइनर
आप खबरों में सुंदर रंगीन अंक पढ़ते होंगे। सुंदर रूप से डिजाइन की गई यह पूर्ति या अंक की सामग्री सबसे पहले उसके (डिजाइनर) के मन में आकार ले चुकी होती हैं। यह पूर्ति लिखने का तरीका अक्षर, फोटोग्राफ्स, चित्र आदि किस रंग और किस आकार के होंगे यह सब उसके मन में स्पष्ट होता है। पूर्ति की यह डिजाइन मन में तैयार करना माने विज्यूलाइजेशन

सृजन से पहले की सृजनात्मक कल्पना अर्थात् विज्यूलाइजेशन। विज्यूलाइजेशन केवल कलाकारों का काम है ऐसा नही है। आप बहुत ही सृजनात्मक ढंग से विजुलाइजेशन कर सकते हो। किंतु आप के मन में यह प्रश्न खड़ा नहीं होता कि विजुलाइजेशन किस लिए किया जाय
 जवाब-नई जिंदगी का सृजन करने के लिए हमें जो चाहिए वह सब प्राप्त करने के लिए ।
जिस तरह चित्र, शिल्प, डिजाइन या फिल्म किसी व्यक्ति के विज्यूलाइजेशन का परिणाम है। ठीक उसी तरह अपनी जिंदगी भी हमारे द्वारा जाने अनजाने किए गए विज्यूलाइजेशन का परिणाम है।
''समस्त ब्रह्मांड सृजनात्मक ऊर्जा का धधकता समुंद्र है।
हम भी इसी का अंश हैं। इसलिए सृजनात्मकता प्रत्येक व्यक्ति में होती है।''

तो दोस्तों आपको विज्यूलाइजेशन का मतलब तो समझ में आ गया होगा आगे मैं आपके लिए इसी विषय में और भी बहुत सारी जानकारियां लेकर आऊंगा  धन्यवाद

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