aushdhiy gun se bharpur hai neem Ka ped



प्राकृतिक औषधीय गुण है नीम में



नीम के बारे में कौन नहीं जानता अगर आपके घर के आस-पास नीम का पेड़ है। तो आप बहुत भाग्यशाली हैं गर्मी में ठंडी हवा देने के साथ ही यह एक ऐसा पेड़ है जिसका हर हिस्सा किसी न किसी बीमारी के इलाज में कारगर है। इतना ही नहीं विभिन्न प्रकार के सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण में भी निम को प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया जाता है।

नीम भारतीय मूल का एक पर्ण-पाति वृक्ष है। यह सदियों से समीपवर्ती देशों'पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यानमार,  (बर्मा) थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि देशों में पाया जाता रहा है। लेकिन विगत लगभग डेढ़ सौ वर्षो में यह वृक्ष भारतीय उपमहाद्वीप की भौगोलिक सीमा को लांध कर अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण एवं मध्य अमेरिका तथा दक्षिणी प्रशांत द्वीप समूह के अनेक उष्ण और उप-उष्ण कीट बन्धीय देशों में भी पहुंच चुका है।

वानस्पतिक नाम- इसके अरबि-फारसी नाम 'आजाद दरख़्त ए हिंद` से व्युत्पन्न है इसका वैज्ञानिक नाम Azadirachta है।

AZADIRACHTA INDICA


 आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत से नीम के पत्तों का निर्यात 34 देशों में किया जाता है।
 अक्सर आपने देखा होगा बहुत से भाग्यशाली लोग आज भी नीम की दातुन का प्रयोग करते हैं। आइए जानते हैं नीम के गुण और फायदे
1 नीम के फायदे व नुकसान- मलेरिया, पीलिया, सर्दी, खांसी, डायबिटीज, अल्सर, आदि बीमारियों में फायदा लिवर, किडनी पर असर डालता है थकान, गर्भधारण में परेशानी, स्किन के लिए दाग धब्बे दूर होते हैं। ज्यादा प्रयोग से एलर्जी  होने लगती हैं ।
 2 जल जाने पर- अगर आप खाना बनाते वक्त या किसी अन्य कारण से अपनी त्वचा कहीं से जला लेते हैं तो तुरंत उस जगह पर नीम की पत्तियों को पीसकर लगा लें इससे मौजूद एंटीसेप्टिक गुण घाव को ज्यादा बढ़ने नहीं देते ।

3 कान दर्द में- अगर आपके कान में दर्द रहता है तो नीम का तेल इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद रहेगा कई लोगों में कान बहने की भी बीमारी होती है ऐसे लोगों के लिए नीम का तेल काफी फायदेमंद साबित होता है।

 4 दांतो के लिए- कुछ वक्त पहले तक नीम की दातून ब्रूश की तुलना में ज्यादा लोकप्रिय थी एक ओर जहां दांतों और मसूड़ों की देखभाल के लिए हम तरह-तरह के महंगे टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं वही नीम की दातुन अपने आप में पर्याप्त होती है नीम की दातून पायरिया की रोकथाम में भी कारगर होती है ।

5 बालों के लिए- नीम एक बहुत अच्छा कंडीशनर है इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर उसके पानी से बाल धोने से रूखी और फंगस जैसी समस्याएं दूर होती हैं।

 6 फोड़े और अन्य जख्मों के लिए- कई बार ऐसा होता है कि खून साफ ना होने की वजह से जगह-जगह पर फोड़े हो जाते हैं ऐसे में नीम की पत्ती को पीसकर प्रभावित जगह पर लगाने से फायदा होगा साथ ही इसके पानी से चेहरा साफ करने पर मुंहासे नहीं होंगे।

7 मुंह की दुर्गंध- नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर उस से कुल्ला करने पर दांत व मसूड़े स्वस्थ रहते हैं और मुंह से दुर्गंध भी नहीं आती।

8 कील मुहांसों के लिए- नीम छाल को पानी के साथ पीसकर इसका पेस्ट चेहरे पर लगाने से कील मुहांसों से राहत मिलती है।

अगर आपको स्वस्थ रहना है तो डेली सुबह खाली पेट निम के पांच पत्ते, तुलसी के पांच पत्ते से शूरू करें और इसे बढ़ाकर 10 10 पत्तियों तक कर ले । इससे आपको न जाने कितने रोगों में फायदा मिलेगा।

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